Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी ब्यूरो | देहरादून उत्तराखंड में विकास योजनाओं को तेज गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सभी 13 जिलों के समग्र विकास और स्थानीय स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने के लिए ₹1018.21 करोड़ की जिला योजना स्वीकृत कर दी है। सरकार का कहना है कि इस बजट से गांवों से लेकर शहरों तक विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। सरकार द्वारा जारी बजट में सामान्य मद के तहत सबसे बड़ी राशि ₹787.97 करोड़ आवंटित की गई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए ₹221 करोड़ तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए ₹30 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह धनराशि विभिन्न जिलों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पर्यटन, कृषि और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों पर खर्च की जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार जिला योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास को गति देना है ताकि प्रत्येक जिले की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा सकें। सरकार का मानना है कि जिला स्तर पर योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होने से विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत बजट का उपयोग पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारना है ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि जिला योजनाओं के लिए इतनी बड़ी धनराशि जारी होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निर्माण कार्यों और नई परियोजनाओं के शुरू होने से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उपयोजनाओं के लिए अलग से बजट आवंटित किए जाने को सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकेगी जहां अब तक बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी समय में सरकार विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत कर रही है। चारधाम यात्रा, पर्यटन, सड़क नेटवर्क और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार बजट बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि इससे उत्तराखंड में आधारभूत संरचना मजबूत होगी और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं विपक्ष ने बजट आवंटन के साथ-साथ उसके प्रभावी उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि केवल बजट जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में जनता तक पहुंचे और परियोजनाएं समय पर पूरी हों। फिलहाल सरकार की ओर से जारी इस बजट को राज्य के विकास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि जिलों में इन योजनाओं को कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतारा जाता है। Post Views: 2 Post navigation देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में भीषण आग, महिला मरीज की दर्दनाक मौत