Spread the love देहरादून | उत्तराखंड Dehradun में आज DLD (डिप्लोमा इन लैंड ड्राइविंग/एलिमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षुओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री से विशेष मुलाकात की। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशिक्षु एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा। प्रशिक्षुओं ने अपनी योग्यता के अनुसार जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और रिक्त पदों पर समायोजन सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। Uttarakhand में शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। प्रशिक्षुओं का कहना है कि उन्होंने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक स्पष्ट भर्ती नीति और नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और उनमें असंतोष भी बढ़ता जा रहा है। मुलाकात के दौरान प्रशिक्षुओं ने बताया कि लंबे समय से वे नियमित रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को बिना देरी के अवसर मिल सके। प्रशिक्षुओं ने यह भी कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो उनकी समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री उत्तराखंड ने प्रशिक्षुओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार योग्य प्रशिक्षुओं के हितों के प्रति संवेदनशील है और इस विषय पर संबंधित विभागों से जल्द चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुलाकात के बाद प्रशिक्षुओं में आंशिक संतोष और उम्मीद का माहौल देखने को मिला। हालांकि वे अब भी ठोस निर्णय और स्पष्ट समयसीमा का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर इस ओर संकेत करता है कि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की खाई को पाटना राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है, विशेषकर शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़े क्षेत्रों में। Post Views: 2 Post navigation बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: हरिद्वार में कई SDM और अधिकारियों के प्रभार बदले, नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू थानों मस्जिद प्रकरण: एमडीडीए की कार्रवाई, हाई कोर्ट में राहत न मिलने और विरोध प्रदर्शनों के बीच बढ़ी हलचल