देहरादून में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला, विवाहिता को 10 महीने तक कमरे और शौचालय में बंधक बनाकर रखा, पति समेत तीन पर मुकदमा
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र से घरेलू हिंसा और कथित अमानवीय प्रताड़ना का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक विवाहिता को उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने लगभग दस महीने तक कमरे और शौचालय के भीतर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया, परिजनों से मिलने नहीं दिया गया और लगातार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

पीड़िता के पिता की शिकायत पर सेलाकुई थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

शिकायत के अनुसार पीड़िता की शादी कुछ वर्ष पूर्व हुई थी और फरवरी 2025 में उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। आरोप है कि बच्चों के जन्म के बाद से ही उसके साथ व्यवहार और अधिक कठोर होता गया। परिजनों का कहना है कि महिला को धीरे-धीरे परिवार और समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया। उसे घर के एक सीमित हिस्से में रहने के लिए मजबूर किया गया और बाहरी लोगों से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई।

पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर में कहा गया है कि उनकी बेटी को भोजन के नाम पर बेहद सीमित और अपर्याप्त सामग्री दी जाती थी। लंबे समय तक उचित भोजन न मिलने के कारण उसका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला को कई बार शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान बन गए।

परिजनों का कहना है कि जब भी वे अपनी बेटी से बात करने या मिलने का प्रयास करते थे, उन्हें विभिन्न बहाने बनाकर टाल दिया जाता था। कई महीनों तक परिवार को उसकी वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। संदेह गहराने पर जब परिजन स्वयं उसके ससुराल पहुंचे, तब भी उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू हुई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि उसके साथ किस स्तर की प्रताड़ना हुई और आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच अधिकारी घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रहे हैं और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

मामले में मुख्य आरोपी के रूप में पति राहुल खंडूरी तथा उसके माता-पिता को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि प्रताड़ना का संबंध दहेज की मांग या अन्य वैवाहिक उत्पीड़न से था, तो संबंधित कानूनी धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने घरेलू हिंसा के मामलों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि परिवार के भीतर होने वाली हिंसा अक्सर लंबे समय तक छिपी रह जाती है और पीड़ित महिलाएं मदद मांगने की स्थिति में नहीं होतीं। ऐसे मामलों में पड़ोसियों, रिश्तेदारों और समाज की सतर्कता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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