Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान सोमवार से शुरू हो गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के निर्देशानुसार यह अभियान 8 जून 2026 से 7 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। निर्वाचन विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत राज्यभर में लगभग 79 लाख गणना प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे तथा नवीनतम जानकारी और फोटो एकत्रित करेंगे। अभियान का प्रमुख उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लिकेट नामों को हटाना तथा नए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बीएलओ के घर पहुंचने पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। मतदाताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान पत्र के साथ हालिया पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखने की सलाह दी गई है। साथ ही नाम, जन्मतिथि, पिता या पति का नाम तथा पते से संबंधित विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करने को कहा गया है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। जो मतदाता सत्यापन के दौरान घर पर उपलब्ध नहीं रहेंगे, वे अपनी जानकारी ऑनलाइन भी अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in तथा वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप का उपयोग किया जा सकता है। यह अभियान राज्य के सभी 13 जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है, जिसमें गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के मैदानी तथा पर्वतीय क्षेत्र शामिल हैं। निर्वाचन विभाग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची अधिक पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बन सकेगी, जिससे आगामी चुनावों के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में सही विवरण के साथ दर्ज होना आवश्यक है। इसलिए सभी लोग इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और समय रहते अपने विवरण का सत्यापन अवश्य कराएं। Post Views: 1 Post navigation उत्तराखंड में मौसम का दोहरा मिजाज: मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का कहर, पहाड़ों में बारिश से राहत विशाल पेड़ गिरने से बंद हुआ रिठाबगड़ मार्ग, पुलिस और फायर सर्विस की तत्परता से यातायात बहाल