Spread the loveहरिद्वार। आज के डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन लेन-देन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। हरिद्वार में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक व्यक्ति के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही उसका फोन हैक हो गया और बैंक खाते से ₹20,000 की राशि निकाल ली गई। हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई के चलते Cyber Crime Cell Haridwar ने पूरी रकम वापस दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की। घटना की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को हुई, जब पीड़ित मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी पुत्र वसीम सिद्दीकी के मोबाइल फोन पर एक अनजान और आकर्षक दिखने वाला लिंक प्राप्त हुआ। यह लिंक किसी इनाम, ऑफर या जरूरी सूचना जैसा प्रतीत हो रहा था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसका मोबाइल तुरंत हैक हो गया और साइबर अपराधियों ने बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना ली। कुछ ही मिनटों के भीतर पीड़ित के बैंक खाते से ₹20,000 की राशि बिना किसी अनुमति के एक अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दी गई। जब पीड़ित को अपने खाते से पैसे कटने का मैसेज मिला तो उसके होश उड़ गए और उसने तुरंत बैंकिंग गतिविधियों को समझने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घबराहट के बावजूद पीड़ित ने बिना समय गंवाए साइबर क्राइम सेल हरिद्वार से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर टीम सक्रिय हो गई और ट्रांजैक्शन को ट्रेस करने का काम शुरू किया गया। विशेषज्ञों ने बैंकिंग सिस्टम से समन्वय स्थापित करते हुए तुरंत कार्रवाई की और संबंधित ट्रांजैक्शन को फ्रीज (होल्ड) करवा दिया, जिससे राशि आगे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर नहीं हो सकी। इसके बाद साइबर टीम ने लगातार तकनीकी जांच, डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण और बैंकिंग चैनलों के सहयोग से पूरे मामले पर काम किया। कई दिनों तक चली इस प्रक्रिया के दौरान टीम ने सुनिश्चित किया कि धोखाधड़ी की गई राशि सुरक्षित रहे और सही प्रक्रिया के तहत वापस दिलाई जा सके। अंततः 11 जून 2026 को साइबर क्राइम सेल हरिद्वार को बड़ी सफलता मिली और पूरी ₹20,000 की राशि पीड़ित के बैंक खाते में सुरक्षित रूप से वापस ट्रांसफर कर दी गई। इस कार्रवाई से पीड़ित को आर्थिक राहत मिली और उसने साइबर पुलिस की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। साइबर पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता को सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक, ईमेल, मैसेज या कॉल पर क्लिक न करें, क्योंकि साइबर अपराधी इसी तरह लोगों को फंसाकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी चुरा लेते हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन को रोका जा सके और नुकसान से बचाव हो सके। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है, और थोड़ी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। Post Views: 2 Post navigation कर्णप्रयाग में बड़ा हादसा टला: पिंडर नदी किनारे आत्मघाती कदम उठाने जा रही महिला को चमोली पुलिस ने सुरक्षित बचाया हरिद्वार पुलिस की बड़ी सफलता: 10 दिन बाद हावड़ा से सकुशल बरामद हुई 4 माह की मासूम बच्ची, अंतरराज्यीय ऑपरेशन में खुलासा