कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक संघर्ष, तलवारबाजी में कई घायल; बदरीनाथ हाईवे घंटों जाम
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कर्णप्रयाग/चमोली, 16 जून। चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच रविवार को हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी के बाद तलवारें निकलने से पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई स्थानीय लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया गया और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में एक होटल संचालक से वाहन पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच केवल बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर कुछ निहंगों ने अपने पास मौजूद धारदार हथियार निकाल लिए, जिसके बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच झड़प शुरू हो गई।

बाजार क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना के दौरान कई लोगों को चोटें आईं। स्थानीय निवासी प्रकाश रावत गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तलवार के वार से वह बुरी तरह घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से देहरादून के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। इसके अलावा सुदर्शन कंडारी, गजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह पंवार भी झड़प में घायल हुए हैं। दूसरी ओर एक निहंग श्रद्धालु के भी घायल होने की सूचना है, जिसका उपचार पुलिस निगरानी में कराया गया।

घटना की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कर्णप्रयाग में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी परिसर के बाहर एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में पंचपुलिया क्षेत्र सहित बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम का असर दूर-दूर तक दिखाई दिया। गौचर से लेकर नंदप्रयाग तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लगभग 25 किलोमीटर तक फैले इस जाम में हजारों तीर्थयात्री, स्थानीय नागरिक और पर्यटक फंस गए। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन हेमकुंड साहिब यात्रा को कुछ समय के लिए गौचर क्षेत्र में रोक दिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की तथा उन्हें निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा खुलेआम हथियार लेकर चलने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को पुनः बहाल किया गया।

घटना के बाद पूरे कर्णप्रयाग क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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