Spread the loveदेहरादून | दैनिक प्रभातवाणी उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स Uttarakhand Special Task Force ने यह कार्रवाई मजरा सिला क्षेत्र में की, जहां मोहम्मद सलाउद्दीन नामक आरोपी को देश विरोधी गतिविधियों और कथित अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई देर रात एक सुनियोजित सर्च ऑपरेशन के तहत की गई। इस दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस को कुछ संदिग्ध हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। इनमें एक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, चार डेटोनेटर और AK-47 से जुड़े कारतूस शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी बरामद वस्तुओं की फॉरेंसिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकता है। उसके मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से कुछ ऐसी चैट्स और डेटा मिले हैं, जिनमें हथियारों और उनकी मूवमेंट से संबंधित बातचीत के संकेत बताए जा रहे हैं। इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को अब साइबर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के संपर्क कुछ विदेशी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने अभी इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसे जांच का हिस्सा बताया है। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं ताकि किसी भी संभावित साजिश की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके। एसटीएफ के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए कुछ संदिग्ध ग्रुप्स से जुड़ा हो सकता है। इन ग्रुप्स पर उग्र विचारधारा से जुड़े कंटेंट साझा करने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी आधार पर तकनीकी निगरानी को और तेज कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के उत्तर प्रदेश के रामपुर क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों से संपर्क होने की आशंका है। इन सभी संभावित कड़ियों की जांच अब अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही साइबर टीम को डिजिटल डेटा रिकवरी और डिलीटेड फाइल्स की जांच के लिए लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थानीय स्तर पर निगरानी को भी कड़ा कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है, हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। फिलहाल यह मामला प्रारंभिक जांच के चरण में है और एसटीएफ सहित अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। Post Views: 2 Post navigation कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 4 निहंग यात्री गिरफ्तार, 3 जेल भेजे गए देहरादून के पॉश इलाके में अंतरराष्ट्रीय जुआ रैकेट का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिक समेत 13 गिरफ्तार