Spread the loveदेहरादून/चमोली। दैनिक प्रभातवाणी। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे (थाली भेंट) में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। देहरादून से हुई गिरफ्तारी एसआईटी ने 12 जुलाई 2026 की देर रात देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आवास से प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लिया। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे गिरफ्तार कर जोशीमठ न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तारी के दौरान क्या मिला? जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के कब्जे से— एक शालिग्राम पत्थर एक लैपटॉप बरामद किया गया है। एसआईटी इन दोनों वस्तुओं की भी जांच कर रही है कि इनका मामले से कोई संबंध है या नहीं। सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला पूरे मामले का खुलासा मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुआ। जांच के दौरान कथित रूप से यह सामने आया कि आरोपी ने दान कक्ष में चढ़ावे की गिनती के दौरान ₹500 के नोट, सोने-चांदी के सिक्कों के पैकेट तथा केसर को छिपाकर अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। फुटेज सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 8 जुलाई को दर्ज हुई थी एफआईआर मंदिर के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर 8 जुलाई 2026 को बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंपी गई। BKTC अध्यक्ष ने दिया स्पष्टीकरण गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर प्रमोद नौटियाल को BKTC अध्यक्ष का निजी सचिव या निजी सहायक बताया जाने लगा। इस पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल उनका निजी स्टाफ नहीं था, बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी था और पूर्व में भी विभिन्न अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा— “यह महापाप” मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन आस्था के सबसे पवित्र धामों में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी अक्षम्य अपराध है। उन्होंने निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच के निर्देश दिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की बात कही। हाईकोर्ट पहुंचा मामला गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और दर्ज एफआईआर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। मामले पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत घटना के बाद BKTC ने सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित कदमों में शामिल हैं— मंदिर परिसर में अत्याधुनिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाना। दान पेटियों और चढ़ावे की गिनती के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात करना। पूरी प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करना। चढ़ावे की गिनती एवं भंडारण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना। तीन वर्षों के रिकॉर्ड की जांच एसआईटी केवल इस घटना तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी मंदिर समिति के पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय, दान और चढ़ावे से संबंधित रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इससे पहले भी किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। नोट: आरोपी के विरुद्ध आरोपों की जांच जारी है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को कानून की दृष्टि में दोषी नहीं माना जाता। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड मौसम अपडेट: आज बारिश से मिली राहत, लेकिन 4 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट; 17 जुलाई से फिर तेज होगा मानसून