उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 की घोषणा

उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025
नामांकन 25–28 जून | मतदान 10 और 15 जुलाई | मतगणना 19 जुलाई
उत्तराखंड में लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करने वाली प्रक्रिया – त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 – का ऐलान राज्य निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। यह चुनाव राज्य की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के लिए होने वाले हैं। आइए जानते हैं इसकी पूर्ण जानकारी:
चुनाव की प्रमुख तिथियाँ
| चरण | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 📝 नामांकन | उम्मीदवारों द्वारा पर्चा भरने की प्रक्रिया | 25 से 28 जून 2025 |
| 🔍 नामांकन पत्रों की जांच | चुनाव अधिकारी द्वारा सत्यापन | 29 जून 2025 |
| ❌ नाम वापसी | प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं | 30 जून 2025 |
| 🗳️ मतदान | दो चरणों में | 10 और 15 जुलाई 2025 |
| 📊 मतगणना | वोटों की गिनती और परिणाम घोषित | 19 जुलाई 2025 |
त्रिस्तरीय प्रणाली का तात्पर्य
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव तीन स्तरों पर होते हैं:
ग्राम पंचायत (सरपंच/ग्राम प्रधान का चुनाव)
क्षेत्र पंचायत (बी.डी.सी. – Block Development Council)
जिला पंचायत (जिला स्तर पर प्रतिनिधि)
चुनाव क्षेत्र और मतदाता
पूरे उत्तराखंड के 13 जिलों में चुनाव होंगे।
लगभग 70 लाख से अधिक मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे।
पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर सभी मतदाता समान अधिकार के साथ मतदान करेंगे।
मतदान की प्रक्रिया
मतदान पारंपरिक बैलट पेपर द्वारा कराया जाएगा।
हर बूथ पर सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी।
आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू कर दी गई है।
नामांकन से पहले पात्रता
| पात्रता | विवरण |
|---|---|
| उम्र | उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए |
| मतदाता सूची | नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य |
| आपराधिक पृष्ठभूमि | गंभीर अपराध में दोषी नहीं होना चाहिए |
| शिक्षा (कुछ जिलों में) | कुछ जिलों में न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य है |
प्रचार नियम
कोई भी उम्मीदवार धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर वोट नहीं मांग सकता।
लाउडस्पीकर उपयोग के लिए प्रशासन से अनुमति अनिवार्य है।
निर्वाचन आयोग द्वारा खर्च की सीमा निर्धारित की गई है।
निषेध और निगरानी
अवैध शराब, धनबल, जातिगत उकसावे आदि पर निगरानी के लिए प्रशासन ने फ्लाइंग स्क्वॉड, निगरानी टीम और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है।
मतदान वाले दिन ड्राय डे घोषित रहेगा।
महिलाओं के लिए आरक्षण
पंचायतों में महिलाओं को 50% आरक्षण।
कई ग्राम सभाओं में महिला सरपंच का पद आरक्षित होगा।
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव न सिर्फ गांवों की राजनीति तय करते हैं, बल्कि राज्य के प्रशासन और विकास की दिशा में सबसे ज़रूरी कड़ी होते हैं। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, तो यह चुनाव आपके सीधे प्रतिनिधि चुनने का मौका है।
एक वोट, एक बदलाव – अपने अधिकार का उपयोग ज़रूर करें।