January 13, 2026

ईरानी संसद ने स्ट्रेट ऑफ हॉरमज़ बंद करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट

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ईरानी संसद ने स्ट्रेट ऑफ हॉरमज़ बंद करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट

तेहरान, 22 जून — ईरान की संसद ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया जिसमें विश्व के सबसे रणनीतिक जलमार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ हॉरमज़ को बंद करने की सिफारिश की गई है। यह प्रस्ताव अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में लाया गया। यदि यह निर्णय लागू होता है, तो लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है।

स्ट्रेट ऑफ हॉरमज़ एक संकरा समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है, क्योंकि हर दिन लगभग 2.1 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

प्रस्ताव के अनुसार, “जब तक अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करते रहेंगे, ईरान के पास इस मार्ग को बंद करने का नैतिक और रणनीतिक अधिकार है।” हालांकि, यह प्रस्ताव केवल संसद स्तर पर पारित हुआ है और इसका अंतिम निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा लिया जाएगा।

इस निर्णय के संभावित परिणामों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है। अमेरिका, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने ईरान से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस कदम को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और चीन से भी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि 21 जून को अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए थे। ईरान ने इन हमलों को “अधिनायकवादी आक्रामकता” बताते हुए चेतावनी दी थी कि उसकी प्रतिक्रिया “निर्धारित समय और स्थान पर” होगी।

तेल बाज़ारों में इस फैसले के असर तत्काल दिखे। ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 माह के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई और एशियाई बाज़ारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। यदि स्ट्रेट ऑफ हॉरमज़ को वास्तविक रूप से बंद किया गया, तो ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल यह प्रस्ताव राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन ईरान द्वारा जलमार्ग को बाधित करने की कोई भी कोशिश क्षेत्रीय अशांति को और गहरा सकती है।