January 15, 2026

Uttrakhand कांवड़ यात्रा 2025 में पहली बार ATS की तैनाती: सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय योजना लागू

Uttrakhand कांवड़ यात्रा 2025 में पहली बार ATS की तैनाती
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दैनिक प्रभातवाणी | हरिद्वार, 10 जुलाई 2025
कांवड़ यात्रा 2025 में पहली बार ATS की तैनाती: सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय योजना 

उत्तर भारत की सबसे विशाल धार्मिक यात्राओं में से एक कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है, और इस बार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकारों ने यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। कांवड़ियों की भारी भीड़, संवेदनशीलता और पूर्व में घटित घटनाओं को देखते हुए इस वर्ष पहली बार एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) की तैनाती यात्रा मार्गों पर की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन से निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल, कर्मियों का सत्यापन और अन्य निगरानी तंत्र को सक्रिय किया गया है।

यह कदम न केवल सुरक्षा दृष्टि से अहम है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार अब धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।


 पहली बार यात्रा मार्ग पर तैनात होगी ATS

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं से गुजरने वाले कांवड़ यात्रा मार्गों पर पहली बार ATS (Anti-Terrorist Squad) के कमांडोज़ की तैनाती की जा रही है। अब तक कांवड़ यात्रा में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड्स और सिविल पुलिस की तैनाती होती थी, लेकिन आतंकवाद की वैश्विक चुनौती और आंतरिक खतरे को देखते हुए सरकार ने ATS की सक्रिय भागीदारी को ज़रूरी समझा है।

ATS कमांडोज़:

  • भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर परिसरों, घाटों और विश्राम स्थलों पर तैनात किए जाएंगे।

  • संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त जवानों की तैनाती होगी।

  • आतंकवाद से जुड़ी किसी भी आशंका या सूचना की तुरंत जांच और कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ATS की मौजूदगी से ना सिर्फ़ कानून-व्यवस्था मज़बूत होगी, बल्कि आम श्रद्धालुओं में सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ेगा।


 ड्रोन से होगी आकाशीय निगरानी

इस बार यात्रा मार्गों और हरिद्वार, ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। यह तकनीक भीड़ पर नजर रखने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और यातायात नियंत्रण में मदद करेगी।

ड्रोन:

  • प्रत्येक घंटे लाइव फीड कंट्रोल रूम को भेजेंगे।

  • घाटों, शिविरों, हाईवे और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर केंद्रित होंगे।

  • आवश्यकता पड़ने पर वॉइस मैसेजिंग सिस्टम के जरिए चेतावनी जारी कर सकेंगे।

यह निगरानी प्रणाली यात्रा को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में सहायक सिद्ध होगी।


 “कर्मचारी और स्टाफ वेरिफिकेशन” अनिवार्य

यात्रा मार्गों पर लगे खाने-पीने के स्टॉल, लंगर, अस्थायी शिविरों, धर्मशालाओं और होटलों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों और वॉलंटियर्स का पूर्व सत्यापन (Verification) अनिवार्य किया गया है।

  • प्रत्येक शिविर/संगठन को अपने कर्मचारियों की सूची संबंधित थाने में जमा करनी होगी।

  • असत्यापित व्यक्ति को किसी भी सेवा कार्य की अनुमति नहीं होगी।

  • पुलिस द्वारा ID कार्ड और पृष्ठभूमि जांच की जा रही है।

इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई संदिग्ध व्यक्ति या असामाजिक तत्व यात्रा में प्रवेश न कर सके।


यातायात और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष प्लान

कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों (NH-58, NH-334 आदि) पर ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है:

  • भारी वाहनों का संचालन कुछ निर्धारित समयों तक रोक दिया जाएगा।

  • वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है ताकि आपातकालीन सेवाएँ सुचारु रूप से चलती रहें।

  • प्रत्येक 5 किलोमीटर पर मेडिकल हेल्प सेंटर, जल केंद्र और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई है।

  • NDRF और SDRF की टीमें भी रेस्क्यू और आपदा प्रबंधन के लिए तैनात रहेंगी।


 हाईटेक कंट्रोल रूम और इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम

हरिद्वार और ऋषिकेश में एकीकृत इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहाँ से सभी कैमरों, ड्रोन, पुलिस वायरलेस सिस्टम, एंबुलेंस नेटवर्क और अन्य सेवाओं को केंद्रीकृत रूप से मॉनिटर किया जाएगा।

  • यह कंट्रोल रूम 24×7 कार्य करेगा।

  • सोशल मीडिया पर वायरल अफवाहों पर रियल-टाइम फैक्ट-चेक किया जाएगा।

  • संदिग्ध कॉल्स और गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की व्यवस्था की गई है।


 श्रद्धालुओं से अपील

प्रशासन ने कांवड़ियों और स्थानीय नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है। सभी से कहा गया है कि वे:

  • केवल सत्यापित शिविरों और लंगरों का ही उपयोग करें।

  • किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन की ओर से जारी दिशानिर्देशों का सम्मान करें।


मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन सेवाएं

उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष एक विशेष मोबाइल ऐप “KawadSafe 2025” लॉन्च किया है, जिससे श्रद्धालु:

  • यात्रा मार्ग, विश्राम स्थल, मेडिकल सुविधा और ट्रैफिक अपडेट्स देख सकेंगे।

  • आपात स्थिति में लोकेशन शेयर करके सहायता मांग सकेंगे।

  • साथ ही, हेल्पलाइन नंबर 112 और 1090 भी 24 घंटे चालू रहेंगे।


 दैनिक प्रभातवाणी  : कांवड़ यात्रा में अब हाई-टेक सुरक्षा और प्रबंधन

कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक चुनौती और जन-प्रबंधन का भी उदाहरण बन चुकी है। इस वर्ष पहली बार ATS की तैनाती, ड्रोन निगरानी, कर्मचारी वेरिफिकेशन और कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाओं ने यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-संवलित बना दिया है।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम सराहनीय है कि आस्था की रक्षा के साथ-साथ सुरक्षा और सुव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उम्मीद है कि यह यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए आनंददायक, सुरक्षित और शांतिपूर्ण होगी।