February 25, 2026

रुड़की में खेल-खेल में बना मौत का कारण: डंडे के वार से 12 वर्षीय किशोर की मौत, नाबालिग पर आरोप

0
रुड़की में खेल-खेल में बना मौत का कारण: डंडे के वार से 12 वर्षीय किशोर की मौत, नाबालिग पर आरोप
Spread the love

रुड़की  |उत्तराखंड |25 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी

रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां बच्चों के बीच खेलते समय शुरू हुआ मामूली विवाद एक मासूम की मौत का कारण बन गया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। घटना में 12 वर्षीय किशोर की सिर पर डंडे से वार किए जाने के बाद मौत हो गई, जबकि वारदात को अंजाम देने का आरोप एक नाबालिग पर लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला चंदापुर गांव स्थित आंबेडकर पार्क की है। बताया जा रहा है कि पार्क में रोज की तरह कई बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर बच्चों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पहले मामूली बहस के रूप में शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झगड़े में बदल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झगड़े के दौरान एक नाबालिग ने गुस्से में आकर भानू (12 वर्ष), पुत्र बालेंद्र, के सिर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि भानू मौके पर ही गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना होते ही वहां मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और डर के कारण मौके से भाग गए।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे को आनन-फानन में बीएसएम तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

घटना की सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामूली विवाद के चलते यह गंभीर घटना हुई। परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी नाबालिग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। घटना के समय मौजूद बच्चों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके। चूंकि दोनों पक्ष नाबालिग हैं, इसलिए मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

घटना के बाद पनियाला चंदापुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक और भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के बीच छोटे-मोटे झगड़े अक्सर होते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना ने सभी को अंदर तक झकझोर दिया है। लोगों ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर अधिक निगरानी रखने और उन्हें आपसी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की सीख देने की अपील की है।

यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि कम उम्र में बढ़ती आक्रामकता और गुस्से की प्रवृत्ति किस तरह गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में संवाद, धैर्य और भावनात्मक संतुलन की शिक्षा बेहद आवश्यक है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मासूम भानू की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *