आपदाओं की मार: 2025 में बाढ़ व हिमस्खलन से उत्तराखंड को ₹15,103 करोड़ की आर्थिक क्षत

प्राकृतिक आपदाओं के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तबाही के दृश्य, 2025 में बाढ़ और हिमस्खलन से राज्य को भारी आर्थिक क्षति।
दैनिक प्रभात वाणी, देहरादून
तारीख: 12 फ़रवरी 2025
उत्तराखंड में वर्ष 2025 के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ और हिमस्खलन जैसी आपदाओं के कारण राज्य को लगभग ₹15,103 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा प्रारंभिक आकलन पर आधारित है और इसकी विस्तृत समीक्षा की प्रक्रिया अभी जारी है, ताकि वास्तविक क्षति का सही मूल्यांकन किया जा सके।
राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव पर्वतीय जिलों पर पड़ा है, जहां सड़कों, पुलों, बिजली-पानी की आपूर्ति, पर्यटन ढांचे और कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ। कई क्षेत्रों में संपर्क मार्ग टूटने से राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पर्यटन सीजन के दौरान आई आपदाओं ने स्थानीय व्यवसायों और रोजगार पर भी प्रतिकूल असर डाला है।
सरकारी स्तर पर चल रही समीक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल नुकसान का आकलन करना ही नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति तय करना भी है। विशेष रूप से विस्थापित परिवारों, प्रभावित समुदायों और आजीविका खो चुके लोगों के पुनर्वास के लिए दीर्घकालिक नीति तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास योजनाओं में सुरक्षित बसावट, स्थायी आजीविका और आपदा-रोधी ढांचे को प्राथमिकता दी जाएगी।
आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, वैज्ञानिक योजना और स्थानीय स्तर पर तैयारियों को और मजबूत करना आवश्यक है। सरकार की समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद केंद्र से अतिरिक्त सहायता और विशेष पैकेज की मांग किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।