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देहरादून | 18 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी

उत्तराखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 1 गीगावॉट (GW) से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक सशक्त और उभरते ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

राज्य सरकार के प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लगातार बढ़ावा दिया गया। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी जिलों में भी रूफटॉप सोलर, ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट और सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र स्थापित किए गए। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि बिजली उत्पादन में स्थिरता आई और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार 1 GW से अधिक सौर क्षमता हासिल करना उत्तराखंड के लिए रणनीतिक उपलब्धि है। इससे राज्य न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली के माध्यम से राजस्व अर्जन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद मिलेगी।

इस उपलब्धि के बाद उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेशकों की रुचि और बढ़ी है। कई कंपनियों ने नई परियोजनाओं के लिए रुचि दिखाई है, जिससे आने वाले समय में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का लक्ष्य भविष्य में सौर क्षमता को और विस्तार देकर उत्तराखंड को हरित ऊर्जा का अग्रणी राज्य बनाना है।

सौर ऊर्जा में 1 GW का आंकड़ा पार करना इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पर्यावरण संतुलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा में रचा इतिहास, 1 GW से अधिक क्षमता हासिल