Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन अपने चरम पर पहुंच गया है। एक ओर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर वीकेंड पर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और मार्गों पर भारी भीड़ के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को सुचारु रूप से प्रबंधित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। केदारनाथ धाम में इस वर्ष यात्रा शुरू होने के बाद से श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा शुरू होने के अपेक्षाकृत कम समय में ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। यह पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और इससे साफ है कि केदारनाथ धाम के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है। धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उधर, शनिवार को वीकेंड होने के कारण उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की ओर जाने वाले जोशीमठ मार्ग पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। स्थिति ऐसी बनी कि कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग 30 किलोमीटर तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। घंटों तक वाहन रेंगते रहे, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मसूरी में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले इस पर्यटन नगर में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। होटल, बाजार और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिली। इसके चलते शहर में करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई पर्यटक घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे उनकी यात्रा प्रभावित हुई। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जाम को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। कई स्थानों पर यातायात को डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही सुचारु करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के चलते प्रदेश में वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है, जिसके कारण दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ती पर्यटक संख्या प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक और स्थानीय व्यवसायियों को इसका लाभ मिल रहा है। हालांकि, इसके साथ ही यातायात प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या इसी प्रकार बढ़ती रही तो भविष्य में यात्रा और पर्यटन मार्गों पर बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को विकसित करना आवश्यक होगा। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और जाम जैसी समस्याओं में कमी आएगी। फिलहाल केदारनाथ धाम में आस्था का उत्साह चरम पर है और रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं। वहीं पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि उत्तराखंड देश के सबसे पसंदीदा धार्मिक और पर्यटन गंतव्यों में शामिल है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और यातायात की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। Post Views: 3 Post navigation अल्मोड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा: 100 मीटर गहरी खाई में गिरा डंपर, चालक की मौके पर मौत