Spread the love चमोली में “ऑपरेशन प्रहार”: फर्जी ‘JUDGE’ स्टीकर लगाकर रौब झाड़ने वाले चालक पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, मौके पर उतरा रुतबा उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे वाहन चालक की चालाकी पकड़ ली, जो अपनी गाड़ी पर फर्जी तरीके से “JUDGE” का स्टीकर लगाकर न सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ रहा था, बल्कि यात्रियों पर रौब भी झाड़ रहा था। पुलिस ने मौके पर ही स्टीकर हटवाकर उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त चालानी कार्रवाई की। यह पूरा मामला चमोली जिले के पाण्डुकेश्वर चेकिंग बैरियर क्षेत्र का है, जहां नियमित यातायात जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। गलत दिशा से घुसा वाहन, पुलिस को हुआ शक 19 जून 2026 को पाण्डुकेश्वर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रुकम सिंह के नेतृत्व में रजिस्ट्रेशन चेकिंग बैरियर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान उत्तर प्रदेश नंबर प्लेट वाली एक कार (UP-14DN-9554) कतार तोड़कर गलत दिशा से तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी। वाहन पर बड़े अक्षरों में “JUDGE” लिखा हुआ स्टीकर लगा था, जिसे देखकर पुलिस को पहले ही शक हुआ। साथ ही अन्य यात्रियों ने भी इस वाहन की तेज रफ्तार और लापरवाही भरे ड्राइविंग व्यवहार की शिकायत मौके पर पुलिस से की। पूछताछ में सामने आया फर्जीवाड़ा पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला खुल गया। चालक की पहचान अभय सिंह, निवासी लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगाया गया “JUDGE” स्टीकर किसी भी सरकारी या वैध अनुमति के तहत नहीं था। चालक ने स्वीकार किया कि यह स्टीकर केवल टोल टैक्स से बचने और रास्ते में पुलिस चेकिंग के दौरान रौब जमाने के उद्देश्य से लगाया गया था। पुलिस ने मौके पर उतारा “झूठा रुतबा” सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन पर लगे अवैध स्टीकर को मौके पर ही हटवा दिया। पुलिस ने इसे सार्वजनिक रूप से उतारकर जब्त कर लिया, ताकि इस तरह की गलत प्रवृत्ति पर सख्त संदेश दिया जा सके। इसके बाद चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत गलत दिशा में वाहन चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग करने और फर्जी पहचान/स्टीकर का उपयोग करने के आरोप में चालान काटा गया। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सख्ती जारी चमोली पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार ऐसे वाहन चालकों पर नजर रख रहा है जो पहाड़ी मार्गों पर यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं या फर्जी पहचान के जरिए दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस अभियान का उद्देश्य साफ है—पर्यटन मार्गों और तीर्थयात्रा रूटों पर सुरक्षा, अनुशासन और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस ने चालक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की फर्जी पहचान, रौब या नियम उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ जेल तक भेजा जा सकता है। साथ ही पुलिस ने अन्य वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की गलत पहचान या नियम उल्लंघन से बचें। चमोली में हुई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे कोई खुद को किसी भी पद या पहचान से जोड़कर दिखाने की कोशिश क्यों न करे। पुलिस की इस सख्ती से क्षेत्र में यातायात नियमों के पालन को लेकर एक मजबूत संदेश गया है। Post Views: 2 Post navigation मसूरी में IIT महिला इंजीनियर की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम के बाद भी रहस्य कायम, जांच विसरा रिपोर्ट पर अटकी