पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता पर्यटक की तलाश तेज: SDRF–पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू अभियान जारी, SP जितेन्द्र मेहरा कर रहे निगरानी उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता हुए एक पर्यटक की सुरक्षित तलाश के लिए पुलिस और रेस्क्यू टीमों का संयुक्त सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, गहरी खाइयों और बर्फीले मौसम के बीच यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। यह पूरा मामला बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से जुड़ा है, जहां पर्यटक के लापता होने के बाद प्रशासन ने तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। पिंडर नदी किनारे सघन सर्च ऑपरेशन रेस्क्यू टीमों ने खोज अभियान का दायरा बढ़ाते हुए वाछम पुल से लेकर खाती गांव तक पिंडर नदी के दोनों किनारों पर गहन तलाशी अभियान चलाया है। इसके साथ ही आसपास की गहरी खाइयों और कठिन पहाड़ी रास्तों में भी लगातार सर्च किया जा रहा है। बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के बावजूद टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं और हर संभावित एंगल से खोजबीन कर रही हैं। SDRF और पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और अनुभवी पर्वतीय गाइडों की संयुक्त टीमें शामिल हैं। ये टीमें जोखिम भरे इलाकों में पैदल सर्च कर रही हैं और कई जगहों पर रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह इलाका बेहद दुर्गम होने के कारण रेस्क्यू में समय लग सकता है, लेकिन हर संभव प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी और मैन्युअल दोनों तरीकों से तलाश लापता पर्यटक की खोज के लिए पुलिस ने पारंपरिक सर्च के साथ-साथ तकनीकी साधनों का भी सहारा लिया है। स्थानीय गाइडों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं उपलब्ध तकनीक जैसे सैटेलाइट और अन्य संचार माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। थाना कपकोट में मुकदमा दर्ज, जांच भी तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए कपकोट थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पर्यटक लापता कैसे हुआ और उसके पीछे कोई लापरवाही या अन्य कारण तो नहीं है। होटल और TRC स्टाफ से पूछताछ पुलिस ने ट्रैक रूट पर स्थित फुरकिया टीआरसी (Tourist Rest House) और खाती गांव के होटल एवं होमस्टे संचालकों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लापता पर्यटक को आखिरी बार कब, किसके साथ और किस स्थिति में देखा गया था। SP खुद कर रहे मॉनिटरिंग इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा स्वयं कर रहे हैं। वे लगातार ग्राउंड टीमों से अपडेट ले रहे हैं और अभियान को तेज व प्रभावी बनाने के निर्देश दे रहे हैं। पुलिस की अपील पुलिस ने स्थानीय ट्रैकर्स, गाइडों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें ट्रैक रूट पर किसी भी प्रकार का संदिग्ध सामान या सुराग मिलता है तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। निष्कर्ष पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर चल रहा यह सर्च ऑपरेशन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कठिन मौसम, ऊंचाई और दुर्गम भूगोल के बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि लापता पर्यटक को सुरक्षित ढूंढ निकाला जाए। फिलहाल सभी की नजरें इस रेस्क्यू अभियान के अगले अपडेट पर टिकी हैं।
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पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता पर्यटक की तलाश जारी: SDRF–पुलिस का संयुक्त महाअभियान तेज, SP खुद कर रहे मॉनिटरिंग

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता हुए एक पर्यटक की सुरक्षित तलाश के लिए पुलिस और रेस्क्यू टीमों का संयुक्त सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, गहरी खाइयों और बर्फीले मौसम के बीच यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

यह पूरा मामला बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र अंतर्गत पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से जुड़ा है, जहां पर्यटक के लापता होने के बाद प्रशासन ने तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था।


पिंडर नदी किनारे सघन सर्च ऑपरेशन

रेस्क्यू टीमों ने खोज अभियान का दायरा बढ़ाते हुए वाछम पुल से लेकर खाती गांव तक पिंडर नदी के दोनों किनारों पर गहन तलाशी अभियान चलाया है। इसके साथ ही आसपास की गहरी खाइयों और कठिन पहाड़ी रास्तों में भी लगातार सर्च किया जा रहा है।

बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के बावजूद टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं और हर संभावित एंगल से खोजबीन कर रही हैं।


SDRF और पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और अनुभवी पर्वतीय गाइडों की संयुक्त टीमें शामिल हैं। ये टीमें जोखिम भरे इलाकों में पैदल सर्च कर रही हैं और कई जगहों पर रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि यह इलाका बेहद दुर्गम होने के कारण रेस्क्यू में समय लग सकता है, लेकिन हर संभव प्रयास किया जा रहा है।


तकनीकी और मैन्युअल दोनों तरीकों से तलाश

लापता पर्यटक की खोज के लिए पुलिस ने पारंपरिक सर्च के साथ-साथ तकनीकी साधनों का भी सहारा लिया है। स्थानीय गाइडों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं उपलब्ध तकनीक जैसे सैटेलाइट और अन्य संचार माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है।


थाना कपकोट में मुकदमा दर्ज, जांच भी तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कपकोट थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पर्यटक लापता कैसे हुआ और उसके पीछे कोई लापरवाही या अन्य कारण तो नहीं है।


होटल और TRC स्टाफ से पूछताछ

पुलिस ने ट्रैक रूट पर स्थित फुरकिया टीआरसी (Tourist Rest House) और खाती गांव के होटल एवं होमस्टे संचालकों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं।

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लापता पर्यटक को आखिरी बार कब, किसके साथ और किस स्थिति में देखा गया था।


SP खुद कर रहे मॉनिटरिंग

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा स्वयं कर रहे हैं। वे लगातार ग्राउंड टीमों से अपडेट ले रहे हैं और अभियान को तेज व प्रभावी बनाने के निर्देश दे रहे हैं।


पुलिस की अपील

पुलिस ने स्थानीय ट्रैकर्स, गाइडों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें ट्रैक रूट पर किसी भी प्रकार का संदिग्ध सामान या सुराग मिलता है तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर चल रहा यह सर्च ऑपरेशन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कठिन मौसम, ऊंचाई और दुर्गम भूगोल के बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि लापता पर्यटक को सुरक्षित ढूंढ निकाला जाए।

फिलहाल सभी की नजरें इस रेस्क्यू अभियान के अगले अपडेट पर टिकी हैं।

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