Spread the love देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के हृदय स्थल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मालीयान मोहल्ला (झंडा बाजार) में एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है। दूसरी ओर, इस घटना से गुस्साए स्थानीय व्यापार मंडल और हिंदूवादी संगठनों ने बाजार बंद कराकर आरोपी के घर-दुकान के बाहर जोरदार प्रदर्शन और तोड़फोड़ की, जिससे पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। 1. वारदात का विवरण: टॉयलेट गई नाबालिग को बनाया हवस का शिकार पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित परिवार मालीयान मोहल्ला (झंडा बाजार) क्षेत्र में एक मकान में किराए पर रहता है। बुधवार की देर रात (17 जून 2026) करीब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की मकान की दूसरी मंजिल पर बने टॉयलेट में गई थी। इसी दौरान मकान मालिक का एक रिश्तेदार, जिसकी पहचान 17 वर्षीय किशोर दानिश के रूप में हुई है, वहां घात लगाकर बैठा था। आरोपी ने नाबालिग को जबरन टॉयलेट के अंदर खींच लिया और उसके साथ डरा-धमकाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पीड़िता की मां ने सीधे नगर कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। 2. पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पॉक्सो और BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण देहरादून पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए मामले को बेहद गंभीरता से लिया। क्षेत्राधिकारी (CO) सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। दर्ज की गई धाराएं: पुलिस ने आरोपी दानिश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) (नाबालिग से दुष्कर्म), धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। आरोपी की गिरफ्तारी: CO सिटी स्वप्निल मुयाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दबिश देकर कानून का उल्लंघन करने वाले आरोपी किशोर (JCL) को तत्काल अपनी कस्टडी (पुलिस संरक्षण) में ले लिया। बाल सुधार गृह रवानगी: आरोपी के नाबालिग (17 वर्ष) होने के कारण उसे किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बाल सुधार गृह (Juvenile Reform Home) भेज दिया गया है। 3. स्थानीय हिंदू संगठनों का फूटा आक्रोश: पलटन बाजार बंद, उग्र प्रदर्शन जैसे ही इस वारदात की खबर झंडा बाजार और आसपास के क्षेत्रों में फैली, स्थानीय निवासियों और व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश फैल गया। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए। बाजार पूरी तरह ठप: आक्रोशित प्रदर्शनकारियों और व्यापार मंडल के सदस्यों ने घटना के विरोध में देहरादून के सबसे मुख्य व्यावसायिक केंद्र ‘पलटन बाजार’ को पूरी तरह बंद करवा दिया। दुकानदारों ने भी स्वतः स्फूर्त अपनी दुकानें बंद कर घटना का विरोध जताया। हंगामा और तोड़फोड़: उग्र भीड़ ने आरोपी के घर और उसकी दुकान के आसपास जमकर नारेबाजी की। इस दौरान माहौल इतना गरमा गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी से जुड़े प्रतिष्ठानों के बाहर तोड़फोड़ करने की भी कोशिश की। कोतवाली का घेराव: प्रदर्शनकारी न्याय की मांग को लेकर नगर कोतवाली थाने के बाहर एकत्र हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। 4. वर्तमान स्थिति: भारी पुलिस बल तैनात, माहौल नियंत्रण में घटना के बाद उपजे सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पलटन बाजार, झंडा बाजार और कोतवाली क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल, पीएसी (PAC) और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है। शांति की अपील: पुलिस के आला अधिकारियों ने स्थानीय नेताओं और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ त्वरित और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है, इसलिए कोई भी कानून को हाथ में न ले। फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है। Post Views: 2 Post navigation देहरादून के पॉश इलाके में अंतरराष्ट्रीय जुआ रैकेट का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिक समेत 13 गिरफ्तार मसूरी में IIT महिला इंजीनियर की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम के बाद भी रहस्य कायम, जांच विसरा रिपोर्ट पर अटकी