January 12, 2026

उत्तरकाशी में सब्जी विक्रेता पर यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री बरामद

उत्तरकाशी में सब्जी विक्रेता की शर्मनाक हरकत, महिलाओं की फोटो व वीडियो चोरी-छिपे लेने का आरोप, मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री बरामद
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दैनिक प्रभातवाणी – विशेष रिपोर्ट

उत्तरकाशी में सब्जी विक्रेता की शर्मनाक हरकत, महिलाओं की फोटो व वीडियो चोरी-छिपे लेने का आरोप, मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री बरामद

उत्तरकाशी, [तारीख]। उत्तराखंड के पर्वतीय जिले उत्तरकाशी में एक सब्जी विक्रेता की घिनौनी करतूत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और युवतियों की चुपके से फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।


बाजार में हुआ खुलासा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से उत्तरकाशी के मुख्य बाजार क्षेत्र में सब्जी का ठेला लगाता था। वह दिनभर ग्राहकों के बीच रहता और इसी दौरान मोबाइल से महिलाओं और युवतियों की तस्वीरें तथा वीडियो बनाता। कई बार लोग उसकी संदिग्ध हरकतों को देख चुके थे, मगर ठोस सबूत न मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। घटना वाले दिन एक महिला ने उसे चोरी-छिपे मोबाइल कैमरा घुमाते हुए देख लिया। महिला ने शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया।


आरोपी के मोबाइल से चौंकाने वाले सबूत

उत्तरकाशी पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर तत्काल जांच शुरू की। शुरुआती छानबीन में पुलिस को कई ऐसे वीडियो और तस्वीरें मिलीं जिन्हें अश्लील और आपत्तिजनक श्रेणी में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल में बाजार, बस अड्डे, सब्जी मंडी और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की गुप्त रूप से बनाई गई रिकॉर्डिंग पाई गई है। फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल को आगे की तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह सामग्री किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर या अपलोड की गई है।


कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करने का प्रयास), धारा 509 (शब्द, इशारा या कृत्य द्वारा महिला का अपमान) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि फॉरेंसिक जांच में यह प्रमाणित होता है कि आरोपी ने सामग्री को इंटरनेट पर प्रसारित करने का प्रयास किया, तो उस पर साइबर अपराध की कड़ी धाराएँ भी लगाई जाएँगी। इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाकर शीघ्र सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।


स्थानीय लोगों का गुस्सा

घटना के बाद उत्तरकाशी के बाजार क्षेत्र में रोष व्याप्त है। महिलाओं और युवाओं ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतें महिलाओं की निजता और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं। उनका कहना है कि पुलिस को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि कोई भी महिला की गरिमा से खिलवाड़ नहीं कर सकता।


सुरक्षा उपायों की मांग

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी सतर्क कर दिया है। बाजार के व्यापारियों और नागरिकों ने मांग की है कि उत्तरकाशी जैसे छोटे शहरों में भी सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि ऐसे अपराधियों की जल्द पहचान हो सके। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग दल तैनात करने की मांग भी की जा रही है।


पुलिस की अपील और आश्वासन

उत्तरकाशी पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह की कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शिकायत करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ सभी संभव कानूनी धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की हरकत करने का साहस न कर सके।


दैनिक प्रभातवाणी

उत्तरकाशी का यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह महिलाओं की निजता को खतरे में डाल सकता है। समाज को जागरूक रहना और ऐसे अपराधों के खिलाफ तुरंत आवाज उठाना जरूरी है। राज्य पुलिस की चुनौती अब केवल आरोपी को कानून के शिकंजे में कसने की नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की है कि आगे कोई भी इस तरह की शर्मनाक हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। जनता की सजगता, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कड़ी सजा ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे बड़ा संदेश दे सकती है।