January 12, 2026

देहरादून: नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर में जीवन समाप्त किया, मिला सुसाइड नोट – पुलिस मामले की जांच में जुटी

देहरादून: नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर में जीवन समाप्त किया, मिला सुसाइड नोट – पुलिस मामले की जांच में जुटी
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देहरादून, 24 अक्टूबर 2025/दैनिक प्रभातवाणी

देहरादून: नर्सिंग स्टाफ ने अपने घर में जीवन समाप्त किया, मिला सुसाइड नोट – पुलिस मामले की जांच में जुटी

देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र के कंडोली इलाके में गुरुवार को एक बड़े अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत 32 वर्षीय अशोक ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे घर में घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में पता चला कि मृतक के हाथ में कैनुला लगा हुआ था, वहीं बिस्तर पर एक शीशी, दो खाली सिरिंज और एक हाथ से लिखा हुआ पत्र बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।

सूत्रों के अनुसार, अशोक कंडोली, भद्रकाली का रहने वाला था और वह देहरादून के एक प्रमुख अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत था। गुरुवार की शाम को अशोक के पिता ने बिधौली चौकी में सूचना दी कि उनका पुत्र घर में आत्महत्या कर चुका है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो अशोक को उनके कमरे में बिस्तर पर मृत अवस्था में पाया गया। मौके से पुलिस ने उनका मोबाइल फोन, पत्र, सिरिंज और शीशी भी जब्त किए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अशोक एक शांत और जिम्मेदार युवक था। उनका व्यवहार हमेशा सौम्य और मिलनसार रहता था। पड़ोसियों के अनुसार, वह अपने पेशे में काफी गंभीर और अनुशासित थे और किसी से व्यक्तिगत मतभेद नहीं रखते थे। परिवार के सदस्य और दोस्त अभी भी इस दुखद घटना से झकझोर गए हैं और सदमे में हैं।

थाना प्रेमनगर प्रभारी कुंदन राम ने बताया कि सुसाइड नोट में अशोक ने किसी व्यक्ति या परिस्थिति को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने अपने मोबाइल और अन्य डिजिटल खातों के पासवर्ड लिख दिए थे ताकि परिवारजन आसानी से उसके खातों और अन्य आवश्यक जानकारी तक पहुँच सकें। पत्र में उन्होंने अपने आत्महत्या के कदम के लिए परिवार से माफी भी मांगी और साथ ही अपने अकाउंट से निकाले गए पैसे का उपयोग अपनी बहन की शादी में करने का निर्देश दिया। प्रभारी ने कहा कि इस मामले में किसी तीसरे पक्ष के शामिल होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं और जांच जारी है।

इस घटना ने कंडोली इलाके में भारी शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पड़ोसी और रिश्तेदार इस घटना से गहरे आहत हैं। उनका कहना है कि अशोक हमेशा अपने काम में व्यस्त रहते थे और समाज में उनकी एक प्रतिष्ठित छवि थी। यह घटना परिवार और समुदाय दोनों के लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण बन गई है।

मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल कार्यस्थल का दबाव, व्यक्तिगत जिम्मेदारियाँ और मानसिक तनाव युवाओं में इस तरह की घटना के लिए प्रमुख कारण बन सकते हैं। उन्होंने परिवारों और समाज को जागरूक रहने की सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति में अकेलापन या मानसिक दबाव के संकेत दिखें, तो समय रहते मदद उपलब्ध कराई जाए।

पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया और घटनास्थल से बरामद सामग्रियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

पुलिस घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी समीक्षा कर रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अशोक के अंतिम समय में कोई संदिग्ध गतिविधि या बाहरी दबाव तो नहीं था। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल आत्महत्या से संबंधित है और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है। कई पड़ोसी और मित्र परिवार से संपर्क कर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं और मानसिक समर्थन उपलब्ध करवा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार और समाज की संवेदनशीलता इस तरह के मामलों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अशोक के जीवन और परिवार के प्रति उनके विचार स्पष्ट रूप से उनके सुसाइड नोट में दिखाई देते हैं। उन्होंने अंतिम समय तक अपने परिवार की चिंता जताई और बहन की शादी के लिए आर्थिक मदद सुनिश्चित करने की योजना बनाई। यह उनके विचारशील और जिम्मेदार चरित्र का प्रमाण है, जो उनके परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से की जा रही है। परिवार और पड़ोसियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। डिजिटल डेटा, मोबाइल और बैंक ट्रांजेक्शन की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को छोड़ा न जा सके।

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संकट की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और जांच पूरी निष्पक्षता से पूरी की जाएगी।

इस प्रकार, अशोक की आत्महत्या ने कंडोली क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य, युवाओं की समस्याओं और कार्यस्थल की चुनौतियों पर गंभीर ध्यान आकर्षित किया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर इस घटना से सबक ले रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय करने की दिशा में काम कर रहे हैं।