नकली दवाओं के काले कारोबार का पर्दाफाश: देहरादून STF ने पंजाब से नोबल फार्मेसी मालिक को किया गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला नेटवर्क

दैनिक प्रभातवाणी
दिनांक: 4 अगस्त 2025
स्थान: देहरादून/पंजाब/नोएडा/दिल्ली
नकली दवाओं के काले कारोबार का पर्दाफाश: देहरादून STF ने पंजाब से नोबल फार्मेसी मालिक को किया गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
देहरादून की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नकली दवाओं के गोरखधंधे में शामिल एक बड़े फार्मा नेटवर्क का खुलासा करते हुए पंजाब में एक फार्मेसी मालिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम पंकज शर्मा है, जो पंजाब में स्थित Noble Pharmacy / Life Sciences का संचालक है। उस पर देश के कई राज्यों – खासकर दिल्ली, नोएडा, हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में नकली दवाओं की आपूर्ति करने का गंभीर आरोप है।
देहरादून STF की लंबी और रणनीतिक कार्रवाई
स्पेशल टास्क फोर्स को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर भारत में कई मेडिकल स्टोरों पर बिना लाइसेंस और मान्यता के नकली अथवा घटिया गुणवत्ता की दवाएं बेची जा रही हैं। इनमें से कई दवाओं पर जरूरी बैच नंबर, निर्माण तिथि और गुणवत्ता मानकों की जानकारी तक नहीं थी। जांच में पता चला कि इन नकली दवाओं का स्रोत पंजाब की एक फार्मा यूनिट है।
सूचना को गुप्त रखते हुए STF ने पंजाब के कई जिलों में सर्वे और ट्रैकिंग की और आखिरकार पंजाब के लुधियाना जिले में छापा मारकर पंकज शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।
दवाओं की आपूर्ति का नेटवर्क और तरीका
प्रारंभिक पूछताछ में STF को जो जानकारी मिली है, वह चौंकाने वाली है। पंकज शर्मा द्वारा बिना आवश्यक फार्मा लाइसेंस और गुणवत्ता नियंत्रण के दवाइयों का निर्माण कराया जाता था। इसके बाद फर्जी ब्रांड नामों और पैकिंग के साथ उन्हें उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
इन दवाओं को छोटे मेडिकल स्टोर, अवैध वितरकों और स्ट्रीट वेंडरों के माध्यम से बाजारों में उतारा जाता था। इनका कोई उपचारात्मक मूल्य नहीं था, और ये सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ थीं।
फर्ज़ी दस्तावेज और नकली पैकेजिंग बरामद
STF ने आरोपी के कब्जे से नकली दवाइयों के दर्जनों पैकेट, फर्जी ब्रांड लेबल, नकली जीएसटी बिल, और पैकिंग मटेरियल बरामद किया है। साथ ही उन कंपनियों की सूची भी मिली है जिनके नाम पर नकली दवाइयाँ पैक की जाती थीं — ताकि किसी को शक न हो।
कई राज्यों में फैला है रैकेट
पंकज शर्मा का नेटवर्क केवल पंजाब तक सीमित नहीं था। जांच में यह बात सामने आई है कि इन नकली दवाओं की आपूर्ति दिल्ली, नोएडा, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में की जाती थी। STF अब यह पता लगा रही है कि इन राज्यों में किन फार्मासिस्टों, डीलरों और डॉक्टरों की मिलीभगत इसमें शामिल रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और फार्मा कंट्रोलर अलर्ट पर
देहरादून STF की इस कार्रवाई के बाद भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्यों के फार्मास्युटिकल कंट्रोल विभाग भी सक्रिय हो गए हैं। इन सभी एजेंसियों ने अपने-अपने राज्यों में नकली दवाओं की जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जेल भेजा गया आरोपी, आगे की जांच जारी
STF द्वारा पंकज शर्मा को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों, फर्जी दवा निर्माण इकाइयों और वितरण एजेंटों की तलाश कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क में और भी गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।
दैनिक प्रभातवाणी : ज़हर बन चुकी हैं कुछ दवाइयाँ, अब ज़रूरी है सख़्त कदम
यह घटना एक बार फिर बताती है कि भारत में नकली दवाओं का काला बाज़ार गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि जनता के जीवन से सीधा खिलवाड़ है। ऐसे मामलों में दोषियों को कठोरतम सज़ा देना आवश्यक है, ताकि दवा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में आम जनता का भरोसा बहाल रह सके।
रिपोर्ट: दैनिक प्रभातवाणी विशेष संवाददाता – देहरादून / पंजाब ब्यूरो