नरसिंघाचल पहाड़ी पर भारी भूस्खलन: घर-दफ्तर क्षतिग्रस्त, दो लोग घायल, राहत कार्य जारी
ajaysemalty98 July 15, 2025
📰 दैनिक प्रभातवाणी | 15 जुलाई 2025
नरसिंघाचल पहाड़ी पर भारी भूस्खलन: घर-दफ्तर क्षतिग्रस्त, दो लोग घायल, राहत कार्य जारी
पौड़ी (उत्तराखंड): नरसिंघाचल पहाड़ी क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें विशाल चट्टानें तेजी से खिसककर नीचे आबादी वाले इलाके में आ गिरीं। इस हादसे में कई घरों और दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। मौके पर आपदा प्रबंधन दल, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ी पर तेज बारिश के बाद अचानक ज़ोरदार आवाज़ के साथ बड़ी-बड़ी चट्टानें खिसकती हुई नीचे बाज़ार क्षेत्र की ओर बढ़ गईं। इस दौरान स्थानीय लोग दहशत में घरों से बाहर भागते देखे गए। भूस्खलन की चपेट में आने से दो व्यक्ति घायल हुए, जिनमें से एक को मामूली खरोंच आई जबकि दूसरे की बाँह में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। दोनों घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रशासन द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस भूस्खलन से चार आवासीय मकानों, दो कार्यालयों और तीन वाहनों को काफी क्षति पहुंची है। कई घरों की दीवारें दरक गईं हैं और दुकानों के शटर भी मलबे में दब गए हैं। घटनास्थल के पास से गुजर रही बिजली और पानी की लाइनें भी प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
आपदा के बाद जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए लगभग 13 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जहां उनके लिए अस्थायी राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। इन शिविरों में भोजन, कंबल, प्राथमिक चिकित्सा व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भारी चट्टानों और मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी की मदद ली जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत में जुटी है। इस दौरान पहाड़ी के आसपास बसे अन्य क्षेत्रों को भी संभावित खतरे के चलते अलर्ट पर रखा गया है।
DM पौड़ी ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है, ताकि पीड़ितों को उचित मुआवज़ा दिया जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि हर वर्ष मानसून के दौरान इस पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा बना रहता है, लेकिन अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कई लोगों ने पहाड़ी को स्थिर करने के लिए रिटेनिंग वॉल्स और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
फिलहाल राहत कार्य जारी है और स्थिति पर प्रशासन की पूरी निगरानी बनी हुई है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
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