January 15, 2026

पंतनगर यूनिवर्सिटी में बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत, अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई से जूझ रहा था छात्र

पंतनगर यूनिवर्सिटी में बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत, अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई से जूझ रहा था छात्र
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 14 सितम्बर 2025। स्थान: पंतनगर (उत्तराखंड)। दैनिक प्रभातवाणी विशेष रिपोर्ट

उत्तराखंड की प्रतिष्ठित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से एक दुखद समाचार सामने आया है। विश्वविद्यालय के एक बीटेक छात्र को उसके हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र लंबे समय से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई को लेकर कठिनाई महसूस कर रहा था और इसी कारण मानसिक दबाव में चल रहा था। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


घटना का विवरण

रविवार सुबह छात्र के साथियों ने जब कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला, तो उन्हें आशंका हुई। बाद में जब दरवाजा तोड़ा गया तो छात्र मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई।

छात्र की पहचान उत्तराखंड के ही एक जिले से ताल्लुक रखने वाले बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र के रूप में हुई है। उसके रूममेट और दोस्तों का कहना है कि उसे अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई को लेकर लगातार कठिनाइयाँ हो रही थीं।


अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई बनी चुनौती

पंत यूनिवर्सिटी देश के उन चुनिंदा कृषि व प्रौद्योगिकी संस्थानों में गिनी जाती है, जहां बीटेक जैसे तकनीकी कोर्स अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाए जाते हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए यह भाषाई बाधा अक्सर बड़ी चुनौती बन जाती है।

मृतक छात्र के साथियों का कहना है कि वह कक्षा में लेक्चर समझने और असाइनमेंट पूरे करने में कठिनाई महसूस करता था। कई बार उसने इस तनाव को अपने दोस्तों के साथ साझा भी किया था।


पुलिस जांच में जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे की तलाशी ली। अभी तक किसी सुसाइड नोट के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र की मौत पर गहरा शोक जताया है। साथ ही, यह भी कहा गया कि छात्रों की शैक्षणिक और मानसिक परेशानियों को कम करने के लिए यूनिवर्सिटी समय-समय पर काउंसलिंग और गाइडेंस सत्र आयोजित करती है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए अकादमिक सपोर्ट और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा।


छात्र जीवन और मानसिक दबाव

विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों में छात्रों पर पढ़ाई और करियर को लेकर दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। खासकर उन छात्रों के लिए जो हिंदी या क्षेत्रीय भाषा के पृष्ठभूमि से आते हैं, अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करना एक अतिरिक्त चुनौती बन जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे छात्रों को समय रहते काउंसलिंग, भाषा सहायता कक्षाएं और भावनात्मक सहयोग मिलना बेहद जरूरी है।


समाज और शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न

यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या हमारे विश्वविद्यालय ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को पर्याप्त समर्थन दे रहे हैं? क्या अंग्रेजी भाषा की बाधा को दूर करने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जा रहे हैं?

अगर समय रहते छात्रों की समस्याओं पर ध्यान न दिया जाए तो ऐसी घटनाएं शिक्षा जगत की छवि को धूमिल करने के साथ ही अनेक परिवारों के सपनों को भी तोड़ सकती हैं।


दैनिक प्रभातवाणी

पंतनगर विश्वविद्यालय में बीटेक छात्र की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था, मानसिक स्वास्थ्य और भाषा आधारित असमानताओं की ओर ध्यान खींचती है। पुलिस जांच के बाद मृत्यु का वास्तविक कारण सामने आएगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक दोनों स्तर पर बेहतर सहयोग और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।