भारत 2047 तक बन सकता है विकसित राष्ट्र: वैश्विक अर्थशास्त्री मार्टिन वूल्फ का दावा

नई दिल्ली, 27 जून:
दुनिया के प्रतिष्ठित आर्थिक टिप्पणीकारों में से एक और फाइनेंशियल टाइम्स के मुख्य आर्थिक स्तंभकार मार्टिन वूल्फ ने कहा है कि भारत के पास 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की पूरी संभावना है। उन्होंने यह टिप्पणी भारत की अर्थव्यवस्था, जनसंख्या शक्ति और सुधारवादी प्रयासों के संदर्भ में की।
वूल्फ ने कहा कि यदि भारत अगले 20 वर्षों तक 6 प्रतिशत की औसत वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखता है, तो 2047 तक यह “अप्पर मिडल इनकम” या विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। यदि यह दर 8 प्रतिशत तक पहुँचती है, तो भारत उस मुकाम तक और भी तेजी से पहुँच सकता है।
📊 मार्टिन वूल्फ के प्रमुख बिंदु:
भारत के पास विशाल युवा जनसंख्या, टेक्नोलॉजिकल क्षमता और उद्यमशीलता की ताकत है।
आर्थिक नीतियों में स्थिरता और संरचनात्मक सुधार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और न्याय प्रणाली में निवेश को प्राथमिकता देनी होगी।
भारत को जलवायु परिवर्तन और वैश्विक कनेक्टिविटी जैसे नए युग के विषयों में भी नेतृत्व करना चाहिए।
वूल्फ ने यह भी चेताया कि यदि राजनीतिक ध्रुवीकरण, संस्थागत कमजोरी या पर्यावरणीय असंतुलन को अनदेखा किया गया, तो विकास की यह संभावना बाधित हो सकती है।
🇮🇳 भारत के लिए अर्थपूर्ण वर्ष:
साल 2047 भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगा। ऐसे में देश को “विकसित राष्ट्र” की श्रेणी में देखने का सपना केवल सांकेतिक नहीं, बल्कि नीतिगत दिशा और जनभागीदारी से संभव हो सकता है।