Spread the loveउत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र से सामने आई यह घटना न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे राज्य के लिए गहरा झटका बन गई है। एक फिट और सक्रिय पुलिसकर्मी की जिम में वर्कआउट शुरू करने के कुछ ही मिनटों के भीतर हुई अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है, जिसमें कुछ ही पलों में पूरी स्थिति बदलते हुए देखी जा सकती है। मृतक की पहचान गिरीश भट्ट (38 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय जयदेव भट्ट के रूप में हुई है। वे मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के निवासी थे और वर्तमान में चंपावत के बनबसा (भजनपुर क्षेत्र) में रह रहे थे। गिरीश भट्ट उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। उनकी पहचान एक अनुशासित, फिट और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित पुलिसकर्मी के रूप में होती थी। विभाग में उन्हें एक ऐसे जवान के रूप में जाना जाता था जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाते थे। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है, जब गिरीश भट्ट अपने नियमित अभ्यास के लिए बनबसा स्थित एक स्थानीय जिम पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार वे पिछले लगभग तीन वर्षों से लगातार इस जिम में वर्कआउट कर रहे थे और उनकी फिटनेस रूटीन भी सामान्य रूप से संतुलित मानी जाती थी। उस दिन भी वे सामान्य स्थिति में जिम पहुंचे और वार्म-अप के बाद उन्होंने एक्सरसाइज शुरू की, लेकिन मात्र पांच मिनट के भीतर ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वर्कआउट के दौरान अचानक गिरीश भट्ट की गति धीमी पड़ी और कुछ ही सेकंड में वे संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े। जिम में मौजूद अन्य लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े और प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत वाहन से नजदीकी खटीमा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जो उधम सिंह नगर जिले में आता है। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्राथमिक तौर पर इसे हृदय गति रुकने यानी हार्ट अटैक का मामला बताया है, हालांकि विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरी घटना का जिम में लगा सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ ही मिनटों के भीतर सामान्य स्थिति में शुरू हुआ वर्कआउट अचानक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी में बदल जाता है। इस फुटेज ने लोगों के बीच फिटनेस और अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट को लेकर चिंता और जागरूकता दोनों बढ़ा दी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी भी सक्रिय हो गए। पुलिस अधीक्षक Rekha Yadav ने इस पूरे मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि विभाग ने एक कर्तव्यनिष्ठ और बहादुर जवान को खो दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। गिरीश भट्ट अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र अभी स्कूली स्तर की बताई जा रही है। जैसे ही यह दुखद समाचार परिवार तक पहुंचा, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार गिरीश भट्ट न केवल एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी थे, बल्कि एक शांत स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के व्यक्ति भी थे, जो अपने क्षेत्र में सभी के बीच सम्मानित थे। शनिवार को बनबसा के शारदा घाट पर पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान पुलिस विभाग के कई अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम थीं। इस घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नियमित रूप से फिट दिखने वाले लोगों में भी अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा बना रहता है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में बाहर से स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति भी अंदरूनी हृदय समस्याओं या अनियमित जीवनशैली के कारण ऐसे हादसों का शिकार हो सकते हैं। विशेषकर 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए बिना मेडिकल जांच के भारी वर्कआउट शुरू करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। फिलहाल पुलिस विभाग ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी गहराई से प्रभावित किया है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। Post Views: 2 Post navigation चंपावत सड़क हादसा: बापरू–बांतोली मार्ग पर कार खाई में गिरकर आग की चपेट में, 2 लोगों की मौत