Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी | 24 अप्रैल 2026 | उत्तराखंडउत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर राज्य की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 24 अप्रैल के आसपास सामने आई घटनाओं के अनुसार टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिलों में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन हादसों ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि प्रशासन और सरकार की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार टिहरी गढ़वाल जिले में एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि कुछ घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं दूसरी घटना रुद्रप्रयाग जिले में सामने आई, जहां एक कार संतुलन खोने के बाद सैकड़ों मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में भी कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और राहत टीमों को शव निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पुलिस, एसडीआरएफ तथा आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान तेजी से चलाया गया, लेकिन पहाड़ी इलाकों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्यों में कई चुनौतियां सामने आईं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों की मुख्य वजह संकरी और जर्जर सड़कें, तीखे मोड़, ओवरस्पीडिंग और कई बार ड्राइवरों की लापरवाही होती है। इसके अलावा मौसम की खराब स्थिति और रात के समय ड्राइविंग भी हादसों के जोखिम को बढ़ा देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मार्गों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जैसे कि मजबूत पैरापेट, चेतावनी संकेत और नियमित सड़क मरम्मत।इन दर्दनाक हादसों के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू किया जाएगा।राज्य में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि सरकार और प्रशासन मिलकर ठोस कदम उठाएं, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को भी सतर्क रहने, वाहन की गति नियंत्रित रखने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। Post Views: 3 Post navigationहाईकोर्ट सख्त: पिथौरागढ़ में मेडिकल वेस्ट फेंकने पर सरकार से चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को 1 करोड़ की बड़ी सौगात, बद्रीनाथ धाम में सुविधाएं होंगी और बेहतर