Spread the loveदेहरादून | 16 अप्रेल 2026 | दैनिक प्रभातवाणी Dehradun में कमर्शियल वाहनों के मालिकों के सामने इन दिनों नई परेशानी खड़ी हो गई है। शहर में वाहन फिटनेस सेंटर बंद होने के कारण करीब चार लाख वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र लंबित हो गए हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित होने लगा है और वाहन स्वामियों की चिंता बढ़ गई है।परिवहन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, कमर्शियल वाहनों जैसे बस, टैक्सी, ट्रक, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य होता है। लेकिन फिटनेस सेंटर बंद होने के कारण वाहन मालिक समय पर फिटनेस नहीं करा पा रहे हैं। इससे कई वाहन सड़कों पर नहीं उतर पा रहे हैं और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।वाहन मालिकों का कहना है कि फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने पर चालान और कानूनी कार्रवाई का खतरा बना रहता है। वहीं दूसरी ओर फिटनेस सेंटर बंद होने से उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई वाहन मालिकों ने बताया कि कामकाज प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। विभाग जल्द ही निजी फिटनेस सेंटर या ऑटोमेटेड फिटनेस स्टेशन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सके।विशेषज्ञों का मानना है कि देहरादून में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन फिटनेस सेंटर की संख्या सीमित होने के कारण पहले से ही दबाव बना हुआ था। अब सेंटर बंद होने से समस्या और गंभीर हो गई है।परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन मालिकों को ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और डिजिटल फिटनेस प्रमाणपत्र की सुविधा मिल सकती है। इससे लंबी लाइन और देरी की समस्या भी कम होगी।फिलहाल वाहन मालिकों को नई व्यवस्था लागू होने का इंतजार है, जबकि ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने जल्द समाधान की मांग की है, ताकि वाहनों का संचालन सामान्य हो सके और आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। Post Views: 3 Post navigationबॉन्डधारी डॉक्टरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दुर्गम सेवा अवधि में मिलेगा पूर्व कार्यकाल का लाभ