देहरादून में 4.80 करोड़ के फर्जी लोन घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बैंक में हड़कंप
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देहरादून, दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये के फर्जी लोन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान महावीर सिंह के रूप में हुई है, जो उस समय बैंक की शाखा में प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। आरोपी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2013 से 2016 के बीच बैंक के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित रिकॉर्ड के आधार पर बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक प्रबंधन द्वारा कराए गए फोरेंसिक ऑडिट में लेखा अभिलेखों और लेजर प्रविष्टियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि बैंक में कई फर्जी प्रविष्टियां की गई थीं और वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर कर धन का दुरुपयोग किया गया।

बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कोतवाली नगर में आरोपी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 20 जेसीबी मशीनों की खरीद के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृत कराया और लगभग 4 करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि का गबन किया। इस पूरे प्रकरण में बैंकिंग सिस्टम की आंतरिक खामियों का भी दुरुपयोग किया गया।

पुलिस ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मुख्य आरोपी महावीर सिंह, निवासी नालापानी चौक क्षेत्र, देहरादून को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की उम्र लगभग 74 वर्ष बताई जा रही है। उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे की विवेचना जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस गिरफ्तारी के बाद बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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