Spread the loveधराली-उत्तरकाशी रेस्क्यू में सेना का नया हथियार — राडार सिस्टम, देहरादून से मिलेगा सीधा लिंक, लापता जवानों और नागरिकों की तलाश तेज़धराली (उत्तरकाशी) में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियानों में अब तकनीक की नई ताकत जुड़ गई है। भारतीय सेना ने अपने हर्षिल कैंप से जुड़े 9 जवानों समेत अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश को तेज़ करने के लिए एक विशेष राडार सिस्टम तैनात किया है, जो देहरादून से सीधे लिंक रहेगा।कैसे काम करेगा यह राडार सिस्टमयह राडार सिस्टम जमीन के भीतर और मलबे के नीचे मौजूद हलचल या ध्वनि को पकड़ने में सक्षम है। मलबा, मिट्टी या पत्थरों के नीचे अगर कोई व्यक्ति फंसा हुआ है और हल्की-सी भी हरकत करता है, तो राडार की स्क्रीन पर संकेत आ जाएगा।देहरादून स्थित नियंत्रण कक्ष से इस राडार का डेटा रियल-टाइम में मॉनिटर किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैनात खोजी टीमें तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।जवानों की खोज में नई उम्मीदहर्षिल कैंप से जुड़े 9 जवान इस आपदा में लापता हैं। सेना का मानना है कि वे कहीं न कहीं मलबे में या कटे हुए क्षेत्रों में फंसे हो सकते हैं। राडार सिस्टम की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाना आसान हो जाएगा।सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —“यह तकनीक हमारे लिए बेहद अहम है। मुश्किल इलाकों में मानव खोज अभियान को राडार के जरिए सटीक बनाना ही इसका मकसद है। हर सिग्नल हमारे जवानों और नागरिकों तक जल्दी पहुंचने की संभावना बढ़ाता है।”नागरिकों की तलाश भी साथ-साथसिर्फ़ जवान ही नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीण भी अभी तक लापता हैं। राडार की मदद से उनकी खोज भी तेज़ हो जाएगी। NDRF और SDRF की टीमें सेना के साथ मिलकर राडार संकेतों के आधार पर मलबा हटाने और फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम करेंगी।तकनीक से बचाव कार्य में तेजीइस तरह के Ground Penetrating Radar (GPR) सिस्टम का इस्तेमाल पहले भी भूकंप और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में किया जा चुका है। धराली में इसके इस्तेमाल से उम्मीद है कि लापता लोगों को जल्द खोजकर बचाया जा सकेगा।दैनिक प्रभातवाणी — खोज अभियान में बड़ा कदमराहत कार्य पहले ही हेलीकॉप्टर मिशनों, BRO के पुल निर्माण और मेडिकल इवैक्यूएशन से तेज़ हो रहे थे, अब इस राडार सिस्टम की तैनाती से खोज और बचाव कार्य में नई रफ्तार आने की संभावना है। तकनीक और मानवीय प्रयास का यह संगम धराली में फंसे हर एक व्यक्ति तक मदद पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Post Views: 103 Post navigationधराली (उत्तरकाशी) में बचाव और राहत कार्यों की रफ्तार तेज़, हेलीकॉप्टर मिशन और पुल निर्माण से लौट रही उम्मीदें धराली फ्लैश बाढ़ पर ‘Nature’s bulldozer’ पोस्ट विवाद — 5 पर FIR, सोशल मीडिया पर संवेदनहीन टिप्पणी का मामला