Spread the loveचमोली | दैनिक प्रभातवाणी | चमोली जिले के नन्दानगर-नन्दप्रयाग मोटर मार्ग पर इको पार्क के पास बने एक स्कैबर (स्लैब कल्वर्ट) की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़क के बीचों-बीच बड़े गड्ढे बनने से इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस निर्माण कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए गए, वह अपेक्षित समय तक भी टिक नहीं पाया। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने लगा और अब स्थिति यह है कि मार्ग पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को रोजाना जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि किसी परियोजना पर सार्वजनिक धन खर्च किया जाता है तो उसका लाभ लंबे समय तक जनता को मिलना चाहिए। लोगों का कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसी थी, इसकी निगरानी किस स्तर पर हुई और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो उसकी जवाबदेही कौन तय करेगा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण गुणवत्ता में कमी, अनियमितता या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराए जाने की भी मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास केवल परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे निर्माण कार्य होने चाहिए जो वर्षों तक जनता की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। Post Views: 2 Post navigation पहली ही बारिश में उखड़ी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सूरत: शामली के पास बने बड़े गड्ढे, NHAI ने इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर को किया निलंबित टिहरी में बारिश का कहर: भूस्खलन और पेड़ गिरने से कई मार्ग बंद, राहत कार्य में जुटा प्रशासन और पुलिस