पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता पर्यटक की तलाश जारी, बागेश्वर पुलिस और एसडीआरएफ का युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन
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बागेश्वर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता हुए उत्तर प्रदेश निवासी पर्यटक अभिषेक चौहान की तलाश के लिए बागेश्वर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) द्वारा संयुक्त अभियान लगातार जारी है। करीब दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पर्यटक का कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, जिसके चलते खोज एवं बचाव अभियान को और अधिक व्यापक बनाया गया है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और नदी किनारों पर लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के शामली जनपद निवासी 28 वर्षीय अभिषेक चौहान पिंडारी ग्लेशियर क्षेत्र की यात्रा पर आए थे। बताया जा रहा है कि वह 28 और 29 मई के आसपास छिल्याणी गधेरे क्षेत्र के समीप संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी।

परिजनों की शिकायत के आधार पर थाना कपकोट में 12 जून 2026 को मुकदमा संख्या 38/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन संचालित किया है।

पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा के निर्देशन में कुल सात विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि संभावित स्थानों की व्यवस्थित और व्यापक तरीके से जांच की जा सके। अभियान में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग के कर्मचारी और क्षेत्रीय जानकारों का भी सहयोग लिया जा रहा है।

रेस्क्यू अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। दुर्गम इलाकों में ड्रोन कैमरों की सहायता से हवाई निगरानी की जा रही है। इसके अलावा दूरबीनों और अन्य तकनीकी उपकरणों के माध्यम से गहरी खाइयों, जंगलों और नदी तटों की बारीकी से जांच की जा रही है। पिंडर नदी के आसपास के क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता पर्यटक की तलाश जारी, बागेश्वर पुलिस और एसडीआरएफ का युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन

खोज अभियान के दौरान पुलिस और एसडीआरएफ को कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। टीमों ने पिंडर नदी के किनारे से लापता पर्यटक का कैमरा, रेनकोट और कैप बरामद किए हैं। इन वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये बरामदगी आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इससे लापता पर्यटक की संभावित लोकेशन का अनुमान लगाने में सहायता मिल सकती है।

14 जून को सर्च ऑपरेशन को और विस्तारित करते हुए सोराग पुल, बदियाकोट, किलपारा, संभू नदी क्षेत्र तथा आसपास की प्राकृतिक गुफाओं में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। इन क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं, फिर भी रेस्क्यू टीमें लगातार जोखिम उठाकर खोज अभियान में जुटी हुई हैं।

पुलिस केवल तकनीकी और भौतिक खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों, पशुपालकों, ट्रेकिंग गाइडों, होमस्टे संचालकों और यात्रियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि किसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सूचना के माध्यम से मामले में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

पिंडारी ग्लेशियर उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में से एक माना जाता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि पर्वतीय क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और बदलता मौसम कई बार यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लगातार सतर्कता और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

पुलिस अधीक्षक स्वयं इस पूरे अभियान की नियमित निगरानी कर रहे हैं और विभिन्न टीमों से लगातार फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक लापता पर्यटक के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक खोज अभियान जारी रखा जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ी कोई सूचना हो तो वह तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराए।

फिलहाल बागेश्वर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां लापता पर्यटक की तलाश में पूरी क्षमता के साथ जुटी हुई हैं और परिजनों को सकारात्मक सूचना देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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