यमकेश्वर के पलेल गांव के जवान दीपक सिंह राणा शहीद, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
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दैनिक प्रभातवाणी | उत्तराखंड डेस्क

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद अंतर्गत यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के पलेल गांव से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। भारतीय सेना में तैनात नायक दीपक सिंह राणा देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। उनके शहीद होने की सूचना जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार नायक दीपक सिंह राणा ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इस बलिदान को लेकर पूरे क्षेत्र में गर्व और दुख का मिश्रित माहौल है। एक ओर जहां गांव का हर घर शोक में डूबा है, वहीं दूसरी ओर उनके साहस और वीरता पर हर कोई गर्व महसूस कर रहा है।

पलेल गांव में जैसे ही यह सूचना पहुंची, ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर किसी के मन में अपने वीर सपूत के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। शहीद के घर पर लोगों का तांता लग गया है और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है।

नायक दीपक सिंह राणा को उनके साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सेना में भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाता था। बताया जा रहा है कि वे हमेशा अपने कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे और देश सेवा को ही अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।

उनके शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और सामाजिक संगठनों ने उनके बलिदान को नमन किया है। पूर्व सैनिक संगठन की ओर से भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और कहा गया कि उनका यह बलिदान हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि दीपक सिंह राणा बचपन से ही बेहद अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया और देश सेवा के मार्ग को चुना। उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डाल दिया है।

शहीद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में मातम का माहौल है और हर कोई इस अपूरणीय क्षति से स्तब्ध है। गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं।

स्थानीय प्रशासन को भी शहीद के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गांव लाने की तैयारियों में लगाया गया है। सेना की ओर से पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है। क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भी आवश्यक कदम उठाए हैं।

शहीद दीपक सिंह राणा की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड की धरती वीरों की भूमि है, जहां हर गांव से देश के लिए बहादुर सैनिक जन्म लेते हैं। उनका बलिदान न केवल यमकेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।

पूरा क्षेत्र इस समय शोक में डूबा हुआ है, लेकिन साथ ही हर दिल में अपने वीर सपूत के प्रति सम्मान और गर्व भी है। लोग उनकी शहादत को नमन करते हुए यही कह रहे हैं कि—

“शहीद दीपक सिंह राणा अमर रहें, उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।”

जय हिंद 🇮🇳 वंदे मातरम्