राज्य में नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
ajaysemalty98 February 18, 2026 0
देहरादून | 18 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणी
राज्य में दवा-सुरक्षा को गंभीर चुनौती देने वाले नकली दवाओं के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा करते हुए प्रशासनिक स्टाफ ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से भारी मात्रा में जाली और प्रतिबंधित दवाएँ बरामद की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई दवाओं की बाजार में आपूर्ति होती तो आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
जांच एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ स्थानों पर नकली दवाओं का भंडारण कर उन्हें छोटे मेडिकल स्टोर्स और बिचौलियों के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्टाफ ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और संदिग्ध गोदामों व ठिकानों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के नाम से तैयार की गई नकली टैबलेट, सिरप और इंजेक्शन बरामद किए गए, जिन पर फर्जी लेबल और बैच नंबर लगे हुए थे।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था और कम लागत में नकली दवाएँ तैयार कर उन्हें असली बताकर बेचा जा रहा था। आरोपी दवाओं की पैकिंग इस तरह करते थे कि आम उपभोक्ता और कई बार दुकानदार भी असली-नकली का फर्क न कर सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि नकली दवाओं का कारोबार सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है और इस पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच तेज कर दी गई है। साथ ही, जब्त दवाओं को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि उनकी गुणवत्ता और संरचना की पुष्टि की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और औषधि निरीक्षण टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है। मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं की सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नकली दवाओं की सप्लाई चेन पूरी तरह तोड़ी जा सके। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे दवाएँ केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध दवा या दुकान की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में दवा-सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है और आने वाले दिनों में ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।