Spread the love हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व से ठीक पहले हरिद्वार पुलिस ने धर्म और आस्था की आड़ में लोगों को ठगने वाले संदिग्ध तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने नगर क्षेत्र और घाटों के आसपास से कुल 21 कथित ढोंगी बाबाओं को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देश पर की गई, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना और श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं व युवाओं को किसी भी प्रकार की ठगी और गुमराह करने से बचाना है। पुलिस जांच में सामने आया कि हिरासत में लिए गए कई व्यक्ति साधु-संतों का वेश धारण कर लोगों को पारिवारिक समस्याओं के समाधान, तंत्र-मंत्र और अन्य झूठे दावों के माध्यम से प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। इन लोगों पर आरोप है कि ये श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का लाभ उठाकर उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से ठगने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, जब इन संदिग्ध व्यक्तियों से उनकी पहचान और दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के तहत चालान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों से आए लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से हरिद्वार क्षेत्र में रहकर गतिविधियां संचालित कर रहे थे। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि की गरिमा और पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले तथा फर्जी पहचान के सहारे लोगों को गुमराह करने वाले तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह कार्रवाई स्नान पर्व से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और धार्मिक स्थलों पर विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Post Views: 2 Post navigation टिहरी के केतन लाल हत्याकांड से प्रदेश में आक्रोश, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज