20 अगस्त को उत्तराखंड में लगेगा रोजगार मेला: युवाओं को मिलेगा सुनहरा अवसर
20 अगस्त को उत्तराखंड में लगेगा रोजगार मेला: युवाओं को मिलेगा सुनहरा अवसर
देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। आगामी 20 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक विशाल रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की कई नामी-गिरामी कंपनियां भाग लेंगी। यह मेला राज्य सरकार और औद्योगिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है। लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह आयोजन सुनहरा अवसर लेकर आ रहा है।
प्रदेश में रोजगार को लेकर चल रही चुनौतियों के बीच इस मेले का आयोजन विशेष महत्व रखता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा तो प्राप्त की है लेकिन उन्हें उपयुक्त नौकरी नहीं मिल पा रही है। इस मेले के माध्यम से न केवल स्नातक और तकनीकी शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों को बल्कि बारहवीं या दसवीं पास युवाओं को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
रोजगार मेले का उद्देश्य और महत्व
उत्तराखंड सरकार का मुख्य उद्देश्य इस रोजगार मेले के जरिए युवाओं को प्रदेश में ही अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या अन्य महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े। यह मेला न केवल रोजगार का मंच है, बल्कि यह राज्य में औद्योगिक निवेश, उद्यमिता और कौशल विकास को भी नई दिशा देगा।
राज्य के श्रम एवं रोजगार विभाग ने बताया है कि इस आयोजन में आईटी, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, होटल प्रबंधन, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल, सिक्योरिटी सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और अन्य कई क्षेत्रों से कंपनियां भाग लेंगी। इसका अर्थ यह है कि तकनीकी और गैर-तकनीकी, दोनों तरह के युवाओं के लिए अवसर मौजूद होंगे।
किन जिलों में होगा आयोजन
हालांकि मुख्य रोजगार मेला देहरादून में आयोजित किया जाएगा, लेकिन राज्य के कई अन्य जिलों जैसे हरिद्वार, उधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल में भी उप-मेलों का आयोजन होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ज्यादा से ज्यादा युवा इसमें भाग ले सकें और उन्हें अपनी पसंद की कंपनियों से जुड़ने का मौका मिले।
जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने मिलकर ऐसे स्थानों का चयन किया है जहां पहुंचना आसान हो और परिवहन की सुविधा पर्याप्त मिले। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष बसें चलाई जाएंगी।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह रोजगार मेला उन युवाओं के लिए विशेष अवसर है जो लंबे समय से बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य सरकार ने साफ कहा है कि इस आयोजन में बारहवीं पास से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर और आईटीआई/पॉलिटेक्निक पास उम्मीदवार भी भाग ले सकेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेले में 50 से अधिक कंपनियां भाग लेने जा रही हैं और लगभग 10,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की संभावनाएं हैं। इसमें निजी सुरक्षा गार्ड से लेकर तकनीकी इंजीनियर, नर्सिंग स्टाफ, होटल मैनेजर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, मशीन ऑपरेटर, कॉल सेंटर प्रतिनिधि और सुपरवाइजर जैसे पद शामिल होंगे।
मेले में पंजीकरण की प्रक्रिया
सरकार ने इच्छुक युवाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है। जो युवा ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, वे राज्य के रोजगार पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवार अपने नजदीकी रोजगार कार्यालय या CSC सेंटर पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के पास अभी तक बायोडाटा या रिज्यूमे तैयार नहीं है, उनके लिए मेले स्थल पर विशेष सहायता डेस्क बनाई जाएगी। यहां विशेषज्ञ उनकी मदद करेंगे ताकि वे कंपनियों के सामने अपनी योग्यताओं को सही तरीके से प्रस्तुत कर सकें।
कंपनियों की भागीदारी
इस रोजगार मेले में कई प्रमुख कंपनियां भाग लेने जा रही हैं। इनमें राष्ट्रीय स्तर की ऑटोमोबाइल कंपनियां, हेल्थकेयर चेन, होटल ग्रुप, बीपीओ सेक्टर, रिटेल चेन और सिक्योरिटी सर्विस प्रोवाइडर शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर भी कई उद्योगपति और व्यापारिक समूह युवाओं को रोजगार देने के लिए आगे आ रहे हैं।
कंपनियों ने साफ किया है कि वे योग्यता और कौशल के आधार पर युवाओं का चयन करेंगी। कई कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को भी मौके देंगी जिनके पास ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन उनमें काम सीखने की क्षमता है। इसके अलावा, कुछ कंपनियां युवाओं को प्रशिक्षण (Training) देने का भी प्रस्ताव लेकर आ रही हैं, ताकि उन्हें काम के अनुसार तैयार किया जा सके।
कौशल विकास पर जोर
इस रोजगार मेले की एक खासियत यह भी है कि इसमें केवल नौकरियां ही नहीं दी जाएंगी, बल्कि युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने विभिन्न स्किल डेवलपमेंट संस्थानों के साथ मिलकर मेले में ऐसे स्टॉल लगाए हैं जहां युवाओं को नए कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी मिलेगी।
कंपनियों के एचआर विशेषज्ञ भी सेमिनार और कार्यशाला आयोजित करेंगे, जिनमें युवाओं को रिज्यूमे बनाने, इंटरव्यू में सफल होने और करियर प्लानिंग के गुर सिखाए जाएंगे।
स्थानीय उद्योगों को मिलेगा सहयोग
उत्तराखंड में कई छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) काम कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर प्रशिक्षित युवाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। रोजगार मेले के जरिए ऐसे उद्योगों को भी योग्य कर्मचारी मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के मेले नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो राज्य में पलायन की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। युवा यदि अपने ही जिले या आसपास के इलाकों में नौकरी पा लेते हैं, तो वे परिवार के साथ रह सकते हैं और सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत कर सकते हैं।
युवाओं की प्रतिक्रिया
मेले की घोषणा के बाद से ही युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। देहरादून निवासी एक स्नातक छात्र ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मेले से उन्हें एक अच्छी कंपनी में जगह मिलेगी। वहीं, हरिद्वार के एक आईटीआई पास युवक का कहना है कि उन्होंने कई बार बाहर जाकर काम करने की कोशिश की, लेकिन परिवार से दूर रहना मुश्किल था। अब वे चाहते हैं कि प्रदेश में ही रोजगार का मौका मिले।
सरकार की तैयारी
राज्य सरकार ने मेले के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन, भोजन-पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का खास ध्यान रखा जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजगार मेले के दौरान आने वाले युवाओं और कंपनियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दें।
मुख्यमंत्री ने भी युवाओं से अपील की है कि वे इस मौके का पूरा लाभ उठाएं। उनका कहना है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी युवा बेरोजगार न रहे और सभी को अपनी योग्यता के अनुसार अवसर मिले।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस रोजगार मेले से सिर्फ तात्कालिक नियुक्तियां ही नहीं होंगी, बल्कि इससे राज्य में औद्योगिक माहौल भी बेहतर होगा। कंपनियां जब देखेंगी कि यहां योग्य और प्रशिक्षित युवा बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं, तो वे स्थायी निवेश करने की ओर भी आकर्षित होंगी। इससे प्रदेश में और अधिक रोजगार सृजन होगा।
इन कंपनियों में मिलेगा अवसर (20 अगस्त रोजगार मेला, उत्तराखंड)
1. आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियाँ
एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies)
टीसीएस (TCS – Tata Consultancy Services)
विप्रो (Wipro)
इन्फोसिस (Infosys)
इन कंपनियों में युवाओं को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, टेक्निकल सपोर्ट, नेटवर्क इंजीनियरिंग, कॉल सेंटर और डेटा एंट्री जैसे पदों पर अवसर मिलेंगे।
2. ऑटोमोबाइल सेक्टर
हीरो मोटोकॉर्प
महिंद्रा एंड महिंद्रा
टाटा मोटर्स
मारुति सुजुकी
इन कंपनियों में युवाओं के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्रोडक्शन और सर्विस इंजीनियरिंग से जुड़े पदों पर भर्तियाँ होंगी।
3. हॉस्पिटैलिटी और होटल मैनेजमेंट
ताज होटल्स
ओबेरॉय ग्रुप
लेमन ट्री होटल्स
आईटीसी होटल्स
यहाँ युवाओं को फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग, फूड एंड बेवरेज सर्विस और कुकिंग जैसे पदों पर अवसर मिलेंगे।
4. स्वास्थ्य सेवाएँ (Healthcare Sector)
मैक्स हॉस्पिटल
फोर्टिस हेल्थकेयर
अपोलो क्लीनिक
हिमालयन हॉस्पिटल (जॉलीग्रांट)
इन संस्थानों में नर्सिंग, फार्मेसी, लैब टेक्नीशियन और हेल्थकेयर असिस्टेंट जैसे पदों पर भर्तियाँ होंगी।
5. रिटेल और सेल्स कंपनियाँ
रिलायंस रिटेल
बिग बाजार
डिमार्ट
अमेज़न / फ्लिपकार्ट (लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग)
यहाँ सेल्स एग्जीक्यूटिव, कस्टमर सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और स्टोर मैनेजमेंट जैसे पदों पर नौकरी मिलेगी।
6. सुरक्षा सेवाएँ (Security Services)
जी4एस सिक्योरिटी
सिक्योरिटास इंडिया
सुरक्षा फोर्स प्रा. लि.
यहाँ युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर और फील्ड ऑफिसर जैसी नौकरियों के मौके मिलेंगे।
7. निर्माण और इंजीनियरिंग कंपनियाँ
लार्सन एंड टूब्रो (L&T)
एचसीसी (Hindustan Construction Company)
जेपी ग्रुप
यहाँ इंजीनियरिंग और टेक्निकल ट्रेड वाले युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा।
अवसर किसके लिए
शैक्षिक योग्यता: 10वीं पास से लेकर स्नातक और डिप्लोमा धारक तक
आयु सीमा: 18 से 35 वर्ष तक के अभ्यर्थी
पद: टेक्निकल, नॉन-टेक्निकल, मैनेजमेंट, हेल्थ, रिटेल और सिक्योरिटी से जुड़े विभिन्न पद
अनुमानित रिक्तियाँ: 2000 से अधिक
दैनिक प्रभातवाणी
20 अगस्त को आयोजित होने वाला यह रोजगार मेला उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। यह न केवल नौकरियों का मंच है, बल्कि कौशल विकास, औद्योगिक सहयोग और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यदि युवा इस अवसर का सही उपयोग करें और सरकार भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करे, तो प्रदेश से बेरोजगारी और पलायन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दैनिक प्रभातवाणी विशेष रिपोर्ट