January 11, 2026

40 वरिष्ठ IAS अधिकारियों ने उत्तराखंड में गांव अपनाए – स्थानीय विकास के लिए मनोनीत

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क्या है यह पहल?

देहरादून, 26 जून।
उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक सेवा में पारदर्शिता और ज़मीनी स्तर पर विकास को गति देने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य के 40 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने अपने सेवा जीवन की शुरुआत में तैनात रहे गांवों को गोद लिया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में सुशासन और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

इस योजना के तहत अधिकारी उन गांवों में जाकर न केवल लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं, बल्कि वहीं रात्रि प्रवास भी कर रहे हैं ताकि वे जमीनी समस्याओं को समझ सकें। गांवों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम सभाओं के साथ बातचीत कर प्राथमिक समस्याओं की सूची तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अधिकारी राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और संसाधनों जैसे जिला योजना, वित्त आयोग निधि, CSR फंड और अन्य जनोपयोगी परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इसके लिए प्रत्येक गांव के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर फॉलोअप करें और गांव के विकास कार्यों की निगरानी रखें। यह मॉडल न केवल शासन को गांवों के और नजदीक लाने का कार्य करेगा, बल्कि अधिकारियों को भी सेवा के मानवीय पक्ष को समझने का अवसर देगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता, भागीदारी और जवाबदेही को बढ़ावा देगी। ग्रामीणों में भी उम्मीद जगी है कि यदि उच्च अधिकारियों का ध्यान उनके गांवों पर रहेगा तो वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान जल्द हो सकता है।

उत्तराखंड में इस नवाचारपूर्ण प्रयास की सराहना की जा रही है, और इसे पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल माना जा रहा है।