Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी संवाददाता | लास वेगास | 6 दिसंबर 2025लास वेगास में चल रहे CES 2025 में फ्रांसीसी कंपनी Stellar ने एक ऐसी तकनीक पेश की है, जो आने वाले समय में कारों और परिवहन की दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है। कंपनी ने इसे नाम दिया है – बीम आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह केवल एक नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि सैटेलाइट, सेलुलर और वाई-फाई को एक साथ जोड़कर कार में हमेशा मजबूत और भरोसेमंद इंटरनेट उपलब्ध कराती है।यात्रा के दौरान कनेक्टिविटी की चुनौतीआज की दुनिया इंटरनेट के बिना अधूरी है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑनलाइन नेविगेशन, म्यूजिक स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉलिंग और सोशल मीडिया – सब कुछ इंटरनेट पर आधारित है। लेकिन समस्या तब होती है जब यात्रा के दौरान नेटवर्क अचानक गायब हो जाता है। हाइवे, पहाड़ी रास्तों और ग्रामीण इलाकों में यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे में Stellar की यह तकनीक एक बड़ा समाधान साबित हो सकती है।नई बीम तकनीक इस तरह से डिजाइन की गई है कि जब एक नेटवर्क कमजोर हो, तो सिस्टम तुरंत दूसरे नेटवर्क पर स्विच कर ले। यानी यात्रियों को यह महसूस ही नहीं होगा कि इंटरनेट कहीं अटक गया है। इससे न केवल मनोरंजन और संचार में आसानी होगी, बल्कि गाड़ी की सुरक्षा प्रणाली भी मजबूत होगी।स्वायत्त कारों के लिए वरदानभविष्य की दुनिया में स्वायत्त (Self-driving) कारों की अहम भूमिका होगी। ये गाड़ियाँ पूरी तरह इंटरनेट और डेटा कनेक्शन पर निर्भर रहती हैं। कैमरों, सेंसर और राडार से मिलने वाले डाटा को लगातार सर्वर तक भेजना और वहां से निर्देश लेना इन कारों के लिए जरूरी है। अगर बीच में नेटवर्क टूट जाए, तो ड्राइविंग में खतरा हो सकता है। ऐसे में Stellar की बीम तकनीक इन गाड़ियों के लिए वरदान मानी जा रही है।यात्रियों के लिए नया अनुभवयह तकनीक केवल कार चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा। लंबी यात्रा के दौरान लोग बिना रुकावट फिल्में देख पाएंगे, ऑनलाइन गेम खेल पाएंगे, वीडियो कॉल कर सकेंगे और यहां तक कि दफ्तर का काम भी कर सकेंगे। Stellar का दावा है कि इस तकनीक से इंटरनेट की स्पीड लगातार स्थिर बनी रहती है, इसलिए किसी को भी बफरिंग या नेटवर्क ड्रॉप जैसी समस्या नहीं होगी।CES 2025 में चर्चा का केंद्रहर साल CES में हजारों टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने नए प्रोडक्ट पेश करती हैं। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच Stellar की यह खोज सबसे अलग दिखाई दी। विशेषज्ञों ने इसे “ऑटोमोबाइल कनेक्टिविटी का भविष्य” बताया। उनका मानना है कि जब कारें स्मार्टफोन जैसी कनेक्टिविटी देने लगेंगी, तब यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।भारत और एशिया में संभावनाएँभारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट की सबसे ज्यादा समस्या होती है। यदि ऐसी तकनीक यहां लागू हो जाती है तो यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन सेवाओं में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही 5G और सैटेलाइट इंटरनेट (जैसे Starlink) का संयोजन भारत को डिजिटल क्रांति की नई ऊंचाई पर ले जाएगा।भविष्य की दिशाटेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में गाड़ियाँ सिर्फ परिवहन का साधन नहीं रहेंगी, बल्कि एक चलते-फिरते स्मार्ट हब बन जाएँगी। जहां यात्रा का अनुभव, सुरक्षा और इंटरनेट सेवाएँ एक साथ मिलेंगी। Stellar की यह बीम तकनीक उसी दिशा में पहला कदम है।दैनिक प्रभातवाणी Stellar की यह नई खोज केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि एक ऐसा बदलाव है जो कारों को और भी स्मार्ट, सुरक्षित और उपयोगी बना देगा। आने वाले समय में जब यह तकनीक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होगी, तब गाड़ियाँ सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि पूरी तरह डिजिटल अनुभव का माध्यम बन जाएँगी। Post Views: 41 Post navigationTecno Pova Slim 5G: दुनिया का सबसे पतला कर्व्ड डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन भारत में 4 सितंबर को लॉन्च नई दिल्ली, 4 सितंबर 2025 HMD ने भारत में लॉन्च किया Vibe 5G स्मार्टफोन और HMD 101 व 102 फीचर फोन