उत्तराखंड: महंगा हुआ पानी, नई दरें लागू – जनता के लिए मामूली बढ़ोतरी, संस्थान के लिए चुनौती
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देहरादून, 4 अप्रैल 2026: उत्तराखंड में जल संस्थान ने 1 अप्रैल से पेयजल की नई दरें लागू कर दी हैं। इस बार दरों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 2013 के बेस टैरिफ पर आधारित हैं और इसके तहत लोअर क्लास (नागरिक भवन मूल्यांकन 0–3500) के लिए 9% और मिडिल/हायर क्लास के लिए 11% की वृद्धि की गई है।

 नया रेट कैसा है?

उत्तराखंड जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके गुप्ता ने बताया कि नई दरें पिछले साल के रेट की तुलना में सिर्फ 4–5% अधिक हैं। उदाहरण के लिए:

  • लोअर क्लास कैटेगिरी (0–360 मूल्यांकन):
    • सर्फेस वाटर चार्ज: 192.60 → 200.70 ₹
    • ग्राउंड वाटर चार्ज: 203.30 → 211.85 ₹
    • पंपिंग योजना चार्ज: 218.28 → 227.46 ₹

इस तरह से आम जनता पर असर न्यूनतम है, जबकि जल संस्थान को अतिरिक्त वित्तीय दबाव झेलना पड़ता है।


 संस्थान के लिए चुनौती

डीके गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन लगातार बढ़ रहा है, और टैरिफ कम होने के कारण संस्थान को नुकसान उठाना पड़ता है। इस नुकसान की भरपाई सरकार को करनी पड़ती है, जिससे सरकारी खर्च में वृद्धि होती है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह मामूली वृद्धि जनता के लिए लाभदायक है और हर साल 3–5% की यह बढ़ोतरी संस्थान और जनता के हित में संतुलन बनाए रखती है।

निष्कर्ष

  • जनता के लिए पेयजल महंगा तो हुआ है, लेकिन मामूली बढ़ोतरी हुई है।
  • जल संस्थान के लिए यह वित्तीय चुनौती बन गई है।
  • सरकार को संस्थान के घाटे की भरपाई करना पड़ रही है।

उत्तराखंड जल संस्थान ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी दरें धीरे-धीरे बढ़ेंगी, जिससे जनता पर अचानक बोझ नहीं पड़े और संस्थान का संचालन सुचारू रूप से चल सके।

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