Spread the loveचमोली | 19 अप्रेल 2026 | दैनिक प्रभातवाणी उत्तराखंड के चमोली जिले में रामलाल की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने थराली थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ संदिग्ध मौत नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या है, जिसकी जांच बेहद धीमी चल रही है।यह पूरा मामला चमोली जिले के नारायणबगड़ विकासखंड के कोठली गांव से जुड़ा है, जहां रहने वाले 44 वर्षीय रामलाल की 9 फरवरी को एक बारात में बैंड बजाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, रामलाल उस रात बारात में शामिल होने गए थे, लेकिन वापस लौटते समय वे गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में सड़क किनारे मिले।घटना के बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और रामलाल को तुरंत कर्णप्रयाग अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद मामला पूरी तरह संदिग्ध हो गया और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए थराली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।यह मामला थराली थाना क्षेत्र का है, जहां परिजनों का आरोप है कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसी को लेकर रविवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ता और मृतक के परिजन थाने पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमरीश कपिल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिससे परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।मृतक के बेटे बादल ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। उनका आरोप है कि 9 फरवरी की रात उनके पिता को पत्थरों से कुचलकर मारा गया, लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन जमीनी कार्रवाई नहीं हो रही।परिजनों का यह भी कहना है कि यह घटना किसी सामान्य हादसे की तरह नहीं है, बल्कि इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। उनका आरोप है कि घटना को छिपाने की कोशिश की जा रही है और सच्चाई सामने लाने में देरी हो रही है।प्रदर्शन के दौरान थाने में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे थाने में ही धरना शुरू करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान स्थिति को संभालते हुए परिजनों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच तेजी से चल रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि पुलिस टीम घटना स्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा चुकी है और गांव के लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच हर पहलू से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है, लेकिन जांच पूरी गंभीरता से जारी है। वहीं, प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।फिलहाल, इस मामले में तनाव और असंतोष दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। परिजनों और सामाजिक संगठनों के दबाव के बीच पुलिस पर कार्रवाई तेज करने का दबाव बढ़ गया है।कुल मिलाकर, रामलाल मौत मामला अब केवल एक आपराधिक जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय, प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक आक्रोश का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं। Post Views: 3 Post navigationउत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ, यमुनोत्री-गंगोत्री धाम के कपाट खुलते ही उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब