Spread the loveकेदारनाथ (रुद्रप्रयाग), 22 अप्रैल 2026 | दैनिक प्रभातवाणीउत्तराखंड की पवित्र हिमालयी वादियों में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट आज 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। इसी के साथ चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक और भव्य शुभारंभ हो गया।इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ उपस्थित रहे। दोनों ने बाबा केदार के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। कपाट खुलने के इस पावन क्षण में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की।मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ दर्शन कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष यात्रा के लिए व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत किया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को कठिनाई का सामना न करना पड़े।कपाट खुलने से पहले केदारनाथ मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था। पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगी फूलों और सजावट से जगमगा उठा था। जैसे ही कपाट खुले, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने पूरे वातावरण को दिव्य और आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य को देखकर भाव-विभोर हो उठे।देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कई श्रद्धालु रात से ही लाइन में लगे हुए थे ताकि वे सबसे पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकें। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल छा गया।प्रशासन ने इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस, एसडीआरएफ और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। हर प्रमुख पड़ाव पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं जहां ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं।सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।चारधाम यात्रा के अंतर्गत आने वाले अन्य पवित्र धामों में यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम और बद्रीनाथ धाम भी आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इन चारों धामों की यात्रा को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं।मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा प्रबंधन में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास ही यात्रा को सफल बनाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें और स्वच्छता बनाए रखें।इस वर्ष सरकार ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन, हेल्पलाइन नंबर और यात्रा ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा संचालन किया जाएगा।स्थानीय लोगों में भी चारधाम यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल है। होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालन, घोड़ा-खच्चर सेवा और स्थानीय व्यापार को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यात्रा शुरू होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।कुल मिलाकर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ अत्यंत भव्य, सुरक्षित और आध्यात्मिक माहौल में हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी की उपस्थिति ने इस पावन अवसर को और अधिक विशेष बना दिया। श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह का वातावरण देखने को मिला और पूरा केदारनाथ क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया। Post Views: 4 Post navigationकेदारनाथ धाम के कपाट खुले, चारधाम यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ केदारनाथ यात्रा के पहले ही दिन दर्दनाक हादसा, गुजरात के श्रद्धालु की मौत से मचा हड़कंप; व्यवस्थाओं पर उठे सवाल