Spread the love द्वाराहाट। उत्तराखंड में शारीरिक शिक्षा से जुड़े बेरोजगार युवाओं के लिए सोमवार का दिन एक बार फिर उम्मीद और संघर्ष के बीच संतुलन लेकर आया, जब विपिन त्रिपाठी अभियांत्रिकी संस्थान, द्वाराहाट में राज्य के शिक्षा मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री Dr. Dhan Singh Rawat से BP.Ed और MP.Ed बेरोजगार महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने एक विस्तृत और गंभीर मुलाकात कर लंबे समय से लंबित मांगों को उनके समक्ष रखा। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें राज्य की शैक्षिक व्यवस्था, विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा की स्थिति, हजारों प्रशिक्षित युवाओं की बेरोजगारी और न्यायालय में लंबित भर्ती प्रक्रिया जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि यदि राज्य में शारीरिक शिक्षा को मजबूत करना है तो केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस भर्ती प्रक्रिया शुरू करना आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा 181 शारीरिक शिक्षक (PET) पदों की भर्ती का उठाया। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है, जिससे हजारों योग्य BP.Ed और MP.Ed डिग्रीधारक लगातार रोजगार की प्रतीक्षा में हैं। उनका कहना था कि यह स्थिति केवल बेरोजगारी का मामला नहीं है, बल्कि यह राज्य की खेल शिक्षा व्यवस्था की कमजोरी को भी दर्शाती है। प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट रूप से शारीरिक शिक्षा को समग्र शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। अधिकांश विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को नियमित खेल और स्वास्थ्य शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं का विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। महासंघ ने अपने आंकड़ों के माध्यम से यह भी बताया कि उत्तराखंड में लगभग 11500 प्राथमिक विद्यालय, 2874 माध्यमिक विद्यालय और 1350 इंटर कॉलेज संचालित हैं। इतने बड़े शैक्षिक ढांचे के बावजूद शारीरिक शिक्षा के लिए पर्याप्त पद नहीं होने के कारण लाखों छात्र प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेल गतिविधियों से वंचित रह जाते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मुद्दा उठाया कि NCTE से मान्यता प्राप्त लगभग 42 कॉलेजों से 5000 से अधिक BP.Ed और MP.Ed प्रशिक्षित युवा पिछले 15–20 वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और इससे युवाओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण का एक कानूनी पहलू भी सामने रखा गया, जिसमें बताया गया कि यह मामला माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में WPMS संख्या 1177/2026 के तहत विचाराधीन है और इसकी अगली सुनवाई 29 जून 2026 को निर्धारित है। महासंघ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सुनवाई से पहले कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में महासंघ ने पांच प्रमुख मांगें रखीं, जो इस प्रकार हैं—पहला, 181 PET पदों का शासनादेश आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाए और भर्ती प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाया जाए।दूसरा, प्राथमिक स्तर पर “शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक” के नए पद सृजित किए जाएं और BP.Ed अभ्यर्थियों को इसमें पात्र माना जाए।तीसरा, NCTE से संबंधित नियमों में शिथिलता के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाए।चौथा, शारीरिक शिक्षा के लिए प्रवक्ता पदों का सृजन कर अलग से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।पांचवां, शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए ताकि अधिकतम प्रशिक्षित युवाओं को अवसर मिल सके। मुलाकात के दौरान वातावरण पूरी तरह गंभीर और मुद्दा केंद्रित रहा। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को बताया कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में बेरोजगारी और आंदोलन दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खेल और शारीरिक शिक्षा को मजबूत किए बिना “स्वस्थ उत्तराखंड” की कल्पना अधूरी रहेगी। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद शिक्षा मंत्री Dr. Dhan Singh Rawat ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि यह मामला सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है और सरकार इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ काम कर रही है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट संकेत दिए कि इस पूरे प्रकरण पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शीघ्र ही एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति, भर्ती नियमों की तकनीकी अड़चनें, न्यायालय के निर्देश और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन जैसे सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस बैठक के बाद सरकार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है, जिससे हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि अंतिम निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक समीक्षा और कैबिनेट अनुमोदन पर निर्भर करेगा। इस मुलाकात के बाद BP.Ed और MP.Ed बेरोजगार युवाओं में एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है। प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष Jagdish Chandra Pandey ने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार स्तर पर इस मुद्दे को इतनी गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि समयबद्ध निर्णय लिया जाता है तो यह हजारों युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है। कई युवाओं का मानना है कि यदि 181 PET पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो यह न केवल बेरोजगारी कम करेगी बल्कि उत्तराखंड की विद्यालयी खेल व्यवस्था को भी नई दिशा देगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। फिलहाल सभी की निगाहें अब प्रस्तावित विभागीय उच्च स्तरीय बैठक और आगामी कैबिनेट निर्णय पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सरकार इस लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रिया को कितनी प्राथमिकता और गति के साथ आगे बढ़ाती है। Post Views: 6 Post navigation ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा टला, उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे