Spread the loveउत्तराखंड इन दिनों मौसम के दो बिल्कुल अलग रूपों को एक साथ महसूस कर रहा है। राज्य के मैदानी इलाकों में नौतपा के कारण भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और हल्की बर्फबारी से मौसम ठंडा और सुहावना बना हुआ है। एक तरफ देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे जिलों में लोग गर्म हवाओं और तपती धूप से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ चारधाम यात्रा मार्ग और हिमालयी क्षेत्रों में श्रद्धालु ठंडी हवाओं और बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। मौसम का यह विरोधाभासी स्वरूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। राजधानी Dehradun सहित राज्य के कई मैदानी क्षेत्रों में सुबह से ही तेज धूप निकल रही है। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं का असर इतना बढ़ जाता है कि सड़कें लगभग खाली दिखाई देने लगती हैं। Haridwar, Rudrapur और काशीपुर जैसे इलाकों में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। कई स्थानों पर उमस और तेज धूप के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत भी हो रही है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इस बार उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इसका असर सामान्य से अधिक दिखाई दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। दोपहर के समय लू की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। गर्मी का असर केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजारों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और लोग सुबह या शाम के समय ही जरूरी काम निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में लगातार एसी और कूलर चलने से बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। पेय पदार्थों, ठंडे पानी और फलों की बिक्री में भी भारी वृद्धि देखी जा रही है। इसके विपरीत उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह अलग बना हुआ है। Badrinath Temple, Kedarnath Temple, Hemkund Sahib और Gangotri Temple तथा Yamunotri Temple के आसपास ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। कई स्थानों पर बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को काफी नीचे ला दिया है। सुबह और शाम के समय यहां ठंड महसूस की जा रही है। पहाड़ों में बादलों की आवाजाही और बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को इस मौसम से राहत जरूर मिल रही है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सतर्क रहने की सलाह भी दी है। ऊंचे इलाकों में मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है। कई बार तेज बारिश, ओलावृष्टि या बर्फबारी के कारण तापमान तेजी से गिर जाता है। ऐसे में यात्रियों को गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी मार्गों पर फिसलन बढ़ने की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में साफ आसमान और तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यही कारण है कि एक ही राज्य में कहीं लोग गर्मी से परेशान हैं तो कहीं ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक मात्रा में पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करने तथा हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। धूप में निकलते समय सिर को ढकना और छाता या टोपी का इस्तेमाल करना भी जरूरी बताया गया है। दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को गर्म कपड़े पहनने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने को कहा गया है। उत्तराखंड में मौसम का यह अनोखा स्वरूप जहां एक ओर प्रकृति की विविधता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर बदलते जलवायु संतुलन की ओर भी संकेत करता है। आने वाले दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव लोगों के लिए चुनौती बना रह सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। Post Views: 3 Post navigation उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला, अब मदरसों में सिर्फ स्थानीय बच्चों को मिलेगा प्रवेश चारधाम यात्रा: ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ STF का सख्त एक्शन