चारधाम यात्रा: ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ STF का सख्त एक्शन
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उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खासतौर पर हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए Uttarakhand Special Task Force ने बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एसटीएफ ने अब तक करीब 250 फर्जी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है, जो चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर लोगों से ठगी कर रही थीं। इसके अलावा 134 वेबसाइट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

चारधाम यात्रा शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple की यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं। इसी भीड़ और जल्द टिकट पाने की होड़ का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। ठग नकली वेबसाइट्स बनाकर खुद को अधिकृत हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता बताते हैं और सोशल मीडिया, फेसबुक विज्ञापनों, व्हाट्सएप मैसेज और गूगल सर्च रिजल्ट्स के जरिए लोगों तक पहुंचते हैं।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार कई फर्जी वेबसाइट्स इतनी प्रोफेशनल तरीके से तैयार की गई थीं कि आम व्यक्ति असली और नकली वेबसाइट में फर्क नहीं कर पा रहा था। इन वेबसाइट्स पर सरकारी लोगो, चारधाम यात्रा की तस्वीरें और नकली ग्राहक सेवा नंबर तक दिए गए थे। जैसे ही श्रद्धालु टिकट बुक करने के लिए भुगतान करते थे, उनके पैसे सीधे साइबर अपराधियों के खातों में पहुंच जाते थे। कई मामलों में लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी की शिकायतें सामने आई हैं।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि कई साइबर गिरोह दूसरे राज्यों से इस नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। कुछ वेबसाइट्स विदेशों के सर्वर पर होस्ट की गई थीं ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। एसटीएफ की साइबर टीम लगातार इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है। संदिग्ध वेबसाइट्स की पहचान होते ही उन्हें ब्लॉक कराया जा रहा है और संबंधित बैंक खातों को भी फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है।

एसटीएफ ने श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग केवल अधिकृत पोर्टल और मान्यता प्राप्त एजेंसियों से ही करनी चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया लिंक, व्हाट्सएप नंबर या अनजान वेबसाइट पर भरोसा करने से बचना चाहिए। यदि कोई वेबसाइट बहुत कम कीमत में टिकट देने का दावा करे या तुरंत भुगतान का दबाव बनाए, तो उसे संदिग्ध मानना चाहिए।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठग सबसे पहले लोगों को आकर्षक ऑफर दिखाकर फंसाते हैं। इसके बाद नकली पेमेंट लिंक भेजे जाते हैं। कई बार अपराधी खुद को सरकारी अधिकारी या ट्रैवल एजेंट बताकर फोन भी करते हैं। भुगतान के बाद या तो टिकट नहीं भेजा जाता या फर्जी टिकट थमा दिया जाता है। यात्रा के दिन श्रद्धालुओं को पता चलता है कि उनकी बुकिंग असली नहीं है।

चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देशभर से उत्तराखंड पहुंचते हैं। यात्रा सीजन में हेलीकॉप्टर सेवाओं की भारी मांग रहती है। केदारनाथ जैसे कठिन मार्गों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा का सहारा लेते हैं। इसी वजह से साइबर अपराधियों के लिए यह एक बड़ा ठगी नेटवर्क बनता जा रहा है।

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का संदेह हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करें। साथ ही किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता अवश्य जांच लें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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