Spread the loveHaridwar में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक रिहायशी इलाके से गुजर रही पीएनजी (पाइप प्राकृतिक गैस) की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और करीब 2,000 से अधिक घरों में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। अचानक गैस सप्लाई बंद होने से हजारों परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पाइपलाइन फटने के बाद इलाके में तेज गैस रिसाव की गंध फैल गई, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही संबंधित गैस कंपनी और तकनीकी विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों को आग जलाने, माचिस या लाइटर का इस्तेमाल करने और किसी भी ज्वलनशील वस्तु से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन और तकनीकी टीमों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द गैस आपूर्ति बहाल की जा सके। फिलहाल सुरक्षा को देखते हुए संबंधित क्षेत्र की गैस सप्लाई पूरी तरह बंद रखी गई है। घटना के बाद प्रभावित इलाके के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों में सुबह और शाम का खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि अचानक गैस बंद होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। कुछ लोगों ने वैकल्पिक रूप से सिलेंडर और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार गैस पाइपलाइन में रिसाव या विस्फोट जैसी घटनाएं बेहद संवेदनशील होती हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी वजह से प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि यदि आसपास गैस की तेज गंध महसूस हो तो तुरंत खिड़कियां और दरवाजे खोल दें और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिक स्विच का इस्तेमाल न करें। फिलहाल तकनीकी टीमें लगातार पाइपलाइन की जांच और मरम्मत में जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। Post Views: 2 Post navigation चारधाम यात्रा: ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ STF का सख्त एक्शन लक्सर में पत्रकारों और प्रशासन के बीच बढ़ा विवाद, 29 मई से बेमियादी धरने की चेतावनी