उत्तराखंड के 5 जिलों में मौसम का बड़ा अलर्ट, ओलावृष्टि-आंधी और भूस्खलन का खतरा बढ़ा
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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, ओलावृष्टि, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों और आने वाले समय में खराब मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है और संवेदनशील क्षेत्रों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

प्रदेश के जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पहाड़ी क्षेत्रों को विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पहाड़ी मार्गों पर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे यातायात बाधित होने की आशंका है। प्रशासन ने यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने और मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने ओलावृष्टि को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओले गिरने से किसानों की खड़ी फसलें और बागानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से सेब, आड़ू, खुबानी और अन्य फल उत्पादक क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा खुले में खड़े वाहन भी ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। लोगों को अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करने की सलाह दी गई है।

तेज आंधी को लेकर भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और साइन बोर्ड गिर सकते हैं। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। ऊर्जा विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्जन वाले बादलों के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर कम करना चाहिए और सुरक्षित इमारतों के भीतर रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है क्योंकि पहाड़ी इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं अधिक जानलेवा साबित हो सकती हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमों को तैयार रखा गया है। भूस्खलन संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में मशीनें एवं राहत दल तैनात किए गए हैं।

प्रशासन ने पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी मौसम अपडेट लगातार देखते रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान जोखिम भरे पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना खतरनाक हो सकता है। यात्रियों को केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करें। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।

उत्तराखंड में मौसम के इस बदलते रुख ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ने साफ किया है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।