Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड शासन ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में चल रहे वार्षिक तबादला सत्र की समय सीमा बढ़ा दी है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार अब विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया 10 जून के बजाय 30 जून 2026 तक पूरी की जा सकेगी। शासन के इस निर्णय से उन विभागों को राहत मिली है जो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी तबादला प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। राज्य में चारधाम यात्रा के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बढ़े दबाव, स्थानीय स्तर पर विभिन्न सरकारी कार्यों की व्यस्तता तथा कई विभागों में स्थानांतरण सूचियों को अंतिम रूप देने में हो रही देरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शासन ने सभी विभागाध्यक्षों और सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विस्तारित अवधि के भीतर स्थानांतरण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। उत्तराखंड लोक सेवक वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम के तहत ऐसे कर्मचारी और अधिकारी, जिन्होंने किसी स्थान पर निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है, स्थानांतरण प्रक्रिया के दायरे में आते हैं। अधिनियम में सुगम और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा अवधि से संबंधित स्पष्ट प्रावधान निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करते हुए तबादले किए जाते हैं। शासन ने इस बार भी स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया है। कई विभागों को ऑनलाइन डेटा और काउंसिलिंग आधारित प्रणाली के माध्यम से स्थानांतरण सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कर्मचारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच इस निर्णय को सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि इससे लंबित प्रस्तावों के निस्तारण और विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप तबादला प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होगा। अब सभी की निगाहें आगामी दिनों में जारी होने वाली विभागवार स्थानांतरण सूचियों पर टिकी हुई हैं। Post Views: 4 Post navigation चारधाम यात्रियों से ओवरचार्जिंग पर परिवहन विभाग सख्त, 3 ई-रिक्शा सीज कर्मचारियों, पेंशनरों और श्रमिकों को बड़ी राहत, डीए बढ़ा और न्यूनतम वेतन में हुआ इजाफा