टिहरी के केतन लाल हत्याकांड से प्रदेश में आक्रोश, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज
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नई टिहरी, दैनिक प्रभातवाणी । टिहरी गढ़वाल जिले के लंबगांव क्षेत्र में सामने आए केतन लाल हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। 18 वर्षीय युवक की मौत के बाद प्रदेशभर में न्याय, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक को 7 जून की रात फोन कर बुलाया गया था, जिसके बाद उसके साथ गंभीर मारपीट की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि युवक को अमानवीय यातनाएं दी गईं, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और मामले के सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

टिहरी के केतन लाल हत्याकांड से प्रदेश में आक्रोश, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज

घटना के बाद लंबगांव थाना पुलिस ने हत्या और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कराई जा रही है। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की सहायता भी ली है। घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ सके।

घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की है। कई संगठनों ने तथाकथित ऑनर किलिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि समाज में किसी भी प्रकार की जातीय, सामाजिक या पारिवारिक हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

मृतक के परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह को साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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