Spread the loveपिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र के जारा जिबली गांव से डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात एक महिला पोस्टमैन पर आरोप है कि उसने महीनों तक लोगों के पार्सल, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डाक सामग्री का वितरण नहीं किया। मामला तब सुर्खियों में आया जब ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा इसका विरोध किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से डाक वितरण प्रभावित था। कई ग्रामीण अपने आधार कार्ड, बैंक संबंधी दस्तावेज, सरकारी पत्र और पार्सल की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्हें समय पर डाक प्राप्त नहीं हो रही थी। जब ग्रामीणों ने इस संबंध में महिला पोस्टमैन से जवाब मांगा तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि महिला कर्मचारी ने शिकायत करने वालों को कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी और कथित तौर पर कहा कि वह उन्हें झूठे मामले में फंसा सकती है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय डाक विभाग के अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। पोस्ट ऑफिस इंस्पेक्टर ने धारचूला पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला कर्मचारी के आवासीय कमरे की तलाशी ली गई, जहां से बड़ी मात्रा में बिना वितरित की गई डाक, सरकारी दस्तावेज और पार्सल बरामद होने की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि कई थैलों में भरी डाक लंबे समय से संबंधित लोगों तक नहीं पहुंची थी। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोग आवश्यक दस्तावेजों और सरकारी सूचनाओं के लिए डाक व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में महीनों तक डाक का वितरण न होना लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया। कई ग्रामीणों का कहना है कि जरूरी दस्तावेज समय पर न मिलने से उनके बैंकिंग, पहचान और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए ताकि सरकारी सेवाओं के प्रति जनता का विश्वास बना रहे। फिलहाल डाक विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोग इस मामले में शीघ्र और कठोर कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। Post Views: 2 Post navigation सोमवती अमावस्या स्नान पर्व: हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम देवरियाताल-बनियाकुंड मार्ग पर जंगल में भटके 5 युवक, SDRF और पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू