देवरियाताल-बनियाकुंड मार्ग पर जंगल में भटके 5 युवक, SDRF और पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू
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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में देवरियाताल से बनियाकुंड मार्ग पर जंगल के बीच रास्ता भटक गए पांच युवकों को पुलिस, एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सकुशल रेस्क्यू कर लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई और सभी युवकों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार प्रातः पुलिस कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि देवरियाताल से बनियाकुंड की ओर जा रहे पांच युवक जंगल क्षेत्र में रास्ता भटक गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन दल (डीडीआरएफ) तथा चौकी चोपता पुलिस की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया।

घटना क्षेत्र घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद स्थानीय परिस्थितियों की अच्छी जानकारी रखने वाले ग्रामीणों ने भी खोज अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया।

देवरियाताल-बनियाकुंड मार्ग पर जंगल में भटके 5 युवक, SDRF और पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू

कई घंटों की सघन खोजबीन और अथक प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीमों ने जंगल के भीतर रास्ता भटके सभी पांच युवकों का पता लगा लिया। राहत की बात यह रही कि सभी युवक सुरक्षित पाए गए। इसके बाद टीमों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर चोपता पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति का आकलन किया गया और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

अधिकारियों के अनुसार सभी युवक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। घटना के बाद युवकों ने राहत महसूस करते हुए रेस्क्यू टीमों, पुलिस कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। वहीं स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना की है।

रुद्रप्रयाग पुलिस ने पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों से अपील की है कि वे पहाड़ी और वन क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें तथा मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें। पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि ट्रैकिंग के दौरान समूह से अलग न हों और मोबाइल फोन में पर्याप्त बैटरी तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरण साथ रखें।

हाल के वर्षों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। ऐसे में प्रशासन लगातार पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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