Spread the loveहरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर की पैड़ी सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। पूरे दिन हरिद्वार धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भोर होते ही हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ विशेष रूप से सोमवती अमावस्या स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। अत्यधिक भीड़ के कारण दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी समय तक जाम का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से हरिद्वार की ओर आने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव अधिक देखने को मिला। कई किलोमीटर लंबे जाम के कारण यातायात धीमी गति से संचालित होता रहा और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए थे। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 16 सुपर जोन, 35 जोन और 133 सेक्टरों में विभाजित किया गया। प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई ताकि भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। हरिद्वार पुलिस और प्रशासन लगातार पूरे आयोजन क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। घाटों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पहली पंक्ति की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया गया। ड्रोन के माध्यम से भीड़ की स्थिति, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर वास्तविक समय में निगरानी रखी गई। यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। प्रशासन द्वारा विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई ताकि मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके। भारी वाहनों के प्रवेश पर भी आवश्यकतानुसार प्रतिबंध लगाए गए और वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया गया। ट्रैफिक पुलिस लगातार यात्रियों को मार्गदर्शन देने और जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई। चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सेवाओं और खोया-पाया केंद्रों की व्यवस्था भी विभिन्न स्थानों पर की गई ताकि किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हरिद्वार में सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर हरिद्वार पहुंचते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था चरम पर देखने को मिली। देर शाम तक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। प्रशासन ने दावा किया कि व्यापक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के चलते आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार सतर्क बनी हुई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। Post Views: 2 Post navigation बैरागीवाला हिंसा प्रकरण: क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर कार्रवाई पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर लापता पर्यटक की तलाश जारी, बागेश्वर पुलिस और एसडीआरएफ का युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन